औरंगाबाद: (नवीनगर)शिक्षा विभाग पर अनियमितता के आरोप, एक शिक्षा सेवक का योगदान चर्चा में
संदीप कुमार
Magadh Express:-औरंगाबाद जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। विभाग पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, खासकर शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज की बहाली को लेकर। हाल ही में इन आरोपों की जांच की मांग की गई थी, लेकिन यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और नया मामला सामने आ गया है।
गलत तरीके से योगदान का आरोप
नवीनगर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बरईखाप में एक शिक्षा सेवक, कइल राम, को कथित तौर पर गलत तरीके से दोबारा काम पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, कइल राम पिछले एक साल से बिना किसी सूचना के स्कूल से अनुपस्थित थे। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, अगर कोई शिक्षा सेवक 30 दिनों से ज्यादा बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है, तो उसे हटा दिया जाता है।इसके बावजूद, कइल राम को पिछले महीने फिर से काम पर रख लिया गया है। इस मामले में बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन का आरोप लग रहा है, हालांकि कोई भी व्यक्ति खुलकर नाम बताने को तैयार नहीं है।

अधिकारियों के बयान में विरोधाभास
इस मामले में जब बरईखाप प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीप्रसाद पाल से बात की गई, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए बताया कि कइल राम को जिला कार्यालय के आदेश पर योगदान कराया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शिक्षा सेवक लगभग 10 महीने से अनुपस्थित थे और उन्होंने इस बारे में जिला कार्यालय को सूचित भी किया था।
दूसरी ओर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) राजनारायण राय ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कइल राम के पक्ष में कोई रिपोर्ट नहीं दी है। उन्होंने यह भी कहा कि हेडमास्टर ने खुद यह काम किया है और इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।
प्रधानाध्यापक और बीईओ के अलग-अलग बयानों से यह साफ नहीं हो पा रहा है कि इस मामले में किसकी गलती है। यह मामला तभी सुलझ पाएगा जब इसकी निष्पक्ष जांच होगी। अब यह देखना बाकी है कि अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कोई कार्रवाई करते हैं या नहीं।