एक डिब्बा केरोसीन और कई सुलगते सवाल… पटना के स्कूल में मासूमियत ने क्यों लगाई मौत को गले?

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पटना। बाथरूम से बरामद केरोसीन का एक आधा भरा डिब्बा और हवा में तैरते हजारों अनुत्तरित सवाल… पटना के गर्दनीबाग स्थित आमला टोला कन्या विद्यालय में बुधवार को जो कुछ हुआ, उसने हर किसी की रूह कंपा दी है। 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा, जोया परवीन, ने खुद को आग के हवाले कर दिया और अब पूरा शहर एक ही सवाल पूछ रहा है – आखिर क्यों?

शिक्षा के मंदिर में खौफनाक मंजर

​यह कोई अपराध की कहानी नहीं, बल्कि उस मासूमियत के खौफनाक अंत की पटकथा है जो किताबों और दोस्तों के बीच खिलखिलाती थी। बुधवार को जब स्कूल की घंटी बज रही थी, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही पलों में एक बच्ची अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लेगी। दमड़िया निवासी जोया ने स्कूल के बाथरूम में खुद पर केरोसीन छिड़का और आग लगा ली। उसकी चीखों ने स्कूल के शांत माहौल को चीर दिया। जब तक उसे बचाया जाता, उसके शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका था। आज वह पीएमसीएच में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।

सवालों के साथ फूटा गुस्सा, स्कूल में कोहराम

​जैसे ही यह खबर स्कूल की दीवारों से बाहर निकली, लोगों का गुस्सा सवालों के साथ उबल पड़ा। यह कैसे हुआ? स्कूल में केरोसीन कैसे आया? एक बच्ची इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर क्यों हुई? इन सवालों का कोई जवाब न मिलता देख आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की। उनका हर प्रहार व्यवस्था से यही पूछ रहा था कि आखिर चूक कहाँ हुई? मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी लोगों की तीखी झड़प हुई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

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पुलिस की जांच और उलझा रहस्य

​घटना की सूचना मिलते ही सेंट्रल एसपी दीक्षा सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने बाथरूम को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम (FSL) को जांच के लिए बुलाया है। मौके से मिला केरोसीन का डिब्बा इस कहानी का सबसे अहम लेकिन खौफनाक सबूत है, जिसने इस रहस्य को और उलझा दिया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, लेकिन असली जवाब तो सिर्फ उस मासूम के पास है जो अभी कुछ भी बताने की हालत में नहीं है।

​फिलहाल, पीएमसीएच में जिंदगी से जूझ रही छात्रा की हर सांस के साथ पूरा शहर उन सवालों के जवाब का इंतजार कर रहा है, जो इस घटना के धुएं में कहीं गुम हो गए हैं। जब तक वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं आती, तब तक यह रहस्य और गहराता जाएगा कि आखिर उस मासूम ने अपनी खिलखिलाती उम्र में मौत को गले लगाने का इतना खौफनाक फैसला क्यों किया।

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