मंत्रिपरिषद ने दी कई योजनाओं को हरी झंडी, शिक्षा, उद्योग और कृषि में होगा बड़ा बदलाव
पटना, 13 अगस्त 2025 – बिहार मंत्रिपरिषद की आज हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित फैसलों पर मुहर लगी, जिनसे राज्य के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
उद्योग और आधारभूत संरचना का विस्तार
उद्योग विभाग: राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बेगूसराय, पटना, सिवान, सहरसा और मधेपुरा जिलों में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को स्वीकृति मिली, जिसमें कुल मिलाकर करोड़ों रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।
पूर्णिया में टेक्सटाइल मिल और कोलकाता-औकाद औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी मिली है।

पथ निर्माण विभाग: पटना में फ्लाइओवर और फ्लाईओवर सह सब-वे निर्माण के लिए 29.274.04 लाख और 82.994 लाख रुपये की लागत से परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
शिक्षा और ग्रामीण विकास पर जोर
शिक्षा विभाग:राज्य के राजकीय/राजकीयकृत/सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक विद्यालय सहित) प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 9 तक के छात्रों और अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में 6 से 10 तक के छात्रों को पोशाक के लिए वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत गया में इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 200 बेड का एक बालक छात्रावास और 300 बेड का एक बालिका छात्रावास के निर्माण को मंजूरी।

ग्रामीण विकास विभाग:बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के सामुदायिक संगठनों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मानदेय भुगतान हेतु 347.51 करोड़ की स्वीकृति।
कृषि और कृषि आधारित सेवाओं को बढ़ावा
कृषि विभाग:किसानों को कृषि योजनाओं का लाभ रियल टाइम में पहुँचाने के लिए “रियल टाइम कृषि विभाग” के अंतर्गत डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन को मंजूरी।
कृषि रोड मैप के तहत किसान आधारित सेवाओं, नवाचार और प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए डेटाबेस और डेटा प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की स्थापना एवं विकास संबंधी कार्यों के लिए 25,860 लाख रुपये का सहायक अनुदान स्वीकृत।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
सामान्य प्रशासन विभाग: बिहार वाहन चालक (भर्ती एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2005 को संशोधित करने की स्वीकृति।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) को गोपालगंज जिले में भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति।
संसदीय कार्य विभाग: बिहार विधान मंडल (सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन) नियमावली, 2016 के नियम-14 में संशोधन को मंजूरी।
निर्वाचन विभाग: मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी (बी०एल०ओ०) और सुपरवाइजरों के पारिश्रमिक में वृद्धि को मंजूरी, जिससे प्रति वर्ष ₹38,75,83,000 का अतिरिक्त व्यय होगा।
इन निर्णयों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।