नियति का क्रूर मजाक: धान की रोपनी के लिए दिल्ली से घर आया था, खेत में गिरी आकाशीय बिजली बनी काल
औरंगाबाद: देव थाना क्षेत्र के बसडीहा गांव में बुधवार की शाम नियति ने एक क्रूर मजाक किया। दिल्ली में रहकर काम कर रहे 20 वर्षीय युवक विकास कुमार को क्या पता था कि जिस धान की रोपनी के लिए वह अपने गांव आया है, वही खेत उसकी ज़िंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। वज्रपात की चपेट में आने से विकास की अपने पिता के सामने ही दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, विकास अपने पिता रविंद्र साव के साथ दो दिन पहले ही दिल्ली से गांव लौटे थे ताकि धान की रोपनी का काम पूरा कर सकें। बुधवार की शाम दोनों पिता-पुत्र खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक बारिश के साथ बिजली कड़की और विकास उसकी चपेट में आ गया।
चश्मदीद पिता के शोर मचाने पर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए और तुरंत विकास को सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विकास दो भाइयों में बड़ा था। इस घटना से पूरे परिवार में शोक की लहर है। परिजनों ने प्रशासन से आपदा राहत के तहत मुआवजे की मांग की है। देव थानाध्यक्ष कुमार सौरभ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।