प्रशांत किशोर ‘सस्ती लोकप्रियता के शिकार’, नीतीश ‘विकास पुरुष’: JDU ने PK को बताया ‘राजनीतिक ठेकेदार’, कहा- बिहार प्रयोगशाला नहीं!
पटना, [30 जुलाई 2025]: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने प्रशांत किशोर द्वारा नीतीश कुमार पर दिए गए बयानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार किया है। JDU के प्रदेश सचिव डॉ. राहुल परमार ने प्रशांत किशोर को ‘सस्ती लोकप्रियता का शिकार’ बताते हुए उन पर ‘राजनीति को व्यापार बनाने’ और ‘कॉर्पोरेट घरानों के पैसे से जनता को गुमराह करने’ का गंभीर आरोप लगाया है।
“अपनी राजनीतिक पैदाइश का इतिहास बताएं PK”
डॉ. परमार ने प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि पर सवाल उठाने से पहले प्रशांत किशोर को अपनी राजनीतिक पैदाइश का इतिहास जनता को बताना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशांत किशोर जैसे लोग आज बिहार में राजनीति को ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ की तरह चला रहे हैं। “जिनका कोई राजनीतिक आधार नहीं है, वे केवल पैसे और प्रचार के दम पर खुद को विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं,” डॉ. परमार ने आरोप लगाया।
“नीतीश कुमार को जनता का समर्थन प्राप्त है”
JDU नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार को प्रशांत किशोर जैसे ‘राजनीतिक ठेकेदारों’ से किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “नीतीश कुमार को बिहार की 14 करोड़ जनता का जनादेश और विश्वास प्राप्त है, जो किसी भी निजी एजेंडे या मीडिया प्रोपेगेंडा से कहीं अधिक ताकतवर है।”
“बिहार को प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे”
डॉ. परमार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिहार की जनता अब सब समझने लगी है और ऐसे अवसरवादी तथा आत्मप्रचार में लिप्त नेताओं को चुनावों में मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया, “बिहार कोई प्रयोगशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर अपनी राजनीतिक दुकान सजाने लगे। यहां की राजनीति जनता की सेवा और समर्पण से चलती है, न कि प्रोजेक्ट और पैकेज के दम पर।”
“नीतीश कुमार का विकास मॉडल बोलता है”
JDU प्रदेश सचिव ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों की लंबी सूची गिनाई। उन्होंने कहा कि चाहे कानून व्यवस्था हो, महिला सशक्तिकरण हो, पंचायती राज व्यवस्था हो या शिक्षा का ढांचा—हर मोर्चे पर नीतीश कुमार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। डॉ. परमार ने दृढ़ता से कहा, “प्रशांत किशोर जैसे लोग चाहे जितनी कोशिश कर लें, जनता के मन से नीतीश कुमार की सकारात्मक छवि को धूमिल नहीं कर सकते।”
यह बयानबाजी बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी गरमाहट पैदा कर सकती है, क्योंकि प्रशांत किशोर भी अपनी पदयात्रा और बयानों से लगातार राजनीतिक दलों पर हमलावर हैं। JDU का यह तीखा पलटवार दर्शाता है कि पार्टी अब प्रशांत किशोर के हर बयान का मजबूती से जवाब देने को तैयार है।