औरंगाबाद की नीलकंठ महादेव सेवा समिति ने कांवरियों के लिए खोला ‘सेवाधाम’, निशुल्क मिलेंगी अनूठी सुविधाएं!
बिहार: सावन माह के पावन अवसर पर, औरंगाबाद जिले की नीलकंठ महादेव सेवा समिति ने कांवरियों की सेवा के लिए एक भव्य और निशुल्क शिविर का शुभारंभ किया है. 11 जुलाई से 8 अगस्त तक चलने वाला यह शिविर, सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर स्थित बाबा धाम जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को हर संभव मदद मुहैया कराएगा. यह नेक पहल बांका जिले में कुमरसार नदी से तीन किलोमीटर आगे जोरीपार में की गई है.
शिविर का उद्घाटन समाजसेवी सह लोजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्रा ने किया, जिन्होंने समिति के प्रयासों की सराहना की.
संस्था के संस्थापक नीरज कुमार उर्फ लप्पू ने बताया कि नीलकंठ महादेव सेवा समिति पिछले चार वर्षों से लगातार कांवरियों की निःस्वार्थ सेवा कर रही है. उन्होंने संघर्षों के बावजूद आज 77 डिसमिल जमीन हासिल करने की बात कही, जहां सभी आवश्यक सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं. नीरज कुमार ने भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला, जिसमें इसी जमीन पर एक भव्य धर्मशाला का निर्माण शामिल है. इसका उद्देश्य पूरे साल बाबाधाम जाने वाले शिव भक्तों को हर तरह की सेवा प्रदान करना है.
संस्थापक लखन प्रसाद ने शिविर की सुविधाओं का विस्तृत विवरण दिया. उन्होंने बताया कि यह शिविर एक भव्य, सुसज्जित और प्रकाशयुक्त पंडाल के साथ बनाया गया है, जहाँ कांवरियों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था है. इसके अलावा, शिविर में आधुनिक मशीन द्वारा दर्द निवारण की सुविधा, उत्तम चिकित्सा व्यवस्था, दवा और एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है. कांवरियों के लिए प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात्रि 12 बजे तक डाक बम सेवा का भी प्रावधान है.
श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों तरह की आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है. शिविर में प्रतिदिन भक्ति जागरण का आयोजन किया जाएगा और शुद्ध एवं सात्विक भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई है. फलहारी कांवरियों के लिए अलग से व्यवस्था है. साथ ही, प्रतिदिन चाय, नींबू शर्बत, मिनरल वाटर और गर्म पानी का कुण्ड भी उपलब्ध है, ताकि कांवरिए अपनी थकान मिटा सकें. स्वच्छ और सुलभ शौचालय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है.
नीलकंठ महादेव सेवा समिति का यह प्रयास निश्चित रूप से हजारों कांवरियों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा और उनकी धार्मिक यात्रा को और अधिक सुगम बनाएगा.