विनय पासवान: एक सच्चे नायक, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई दो जिंदगियां
दाउदनगर, बिहार: “बहादुरी का मतलब डर का अभाव नहीं बल्कि उस पर काबू पाने की इच्छाशक्ति है। विनय पासवान जी जैसे नायक को सलाम।” ये शब्द थे भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, दाउदनगर के सचिव और कई अन्य प्रतिष्ठित संगठनों से जुड़े डॉ. प्रकाश चंद्रा के, जिन्होंने दाउदनगर के एक असाधारण व्यक्ति, विनय पासवान की बहादुरी को सराहा है।
समाज में जब भी संकट आता है, कुछ लोग बिना सोचे-समझे आगे बढ़कर ऐसे काम कर जाते हैं जो उन्हें आम इंसान से अलग और असाधारण बना देते हैं। विनय पासवान, अमृत बिगहा वार्ड संख्या 1 के निवासी, ऐसे ही एक सच्चे नायक साबित हुए हैं। प्रकाश चंद्रा की अनुपस्थिति में, ‘हैंड्स ऑफ प्रकाश चंद्रा’ के साथियों ने उनके निर्देशानुसार विनय पासवान को सम्मानित किया।
कुछ दिनों पहले ही विनय जी की सास का देहांत हुआ था। अंतिम संस्कार से लौटने के तुरंत बाद उन्हें एक और दुखद समाचार मिला – वार्ड संख्या 7 निवासी कमलेश राम की दादी का निधन हो गया। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए, विनय पासवान उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कालीघाट सोन नदी पर अंत्येष्टि का माहौल उस वक्त भयावह हो गया, जब कुछ किशोर अचानक नदी में कूद गए और डूबने लगे।
और फिर तब बिना एक पल गंवाए और अपनी जान की परवाह किए बिना, विनय पासवान ने गहरी नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी। उन्होंने डूबते हुए तीनों बच्चों में से दो को मौत के मुंह से खींच लिया। हालांकि, दुर्भाग्यवश एक बच्चे को बचाया नहीं जा सका, जिसका दुख विनय पासवान को सबसे अधिक था। उन्होंने दुखी मन से कहा, “हद से ज्यादा थक गए थे। काश कि ये थकान हावी नहीं होती और एक और बच्चे को बचा पाता।”

डॉ. प्रकाश चंद्रा ने विनय जी की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा, “आपकी ये वीरगाथा मुझे आजीवन स्मरण रहेगी विनय जी और ये हमारे क्षेत्र में लोगों के लिए उदाहरण बनेगा। विनय जी की यह बहादुरी, संवेदना और मानवता के लिए समर्पण, पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। इनकी इस वीर गाथा को हमें देश स्तर पर बताने की आवश्यकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम हैंड्स ऑफ प्रकाश चंद्रा परिवार की ओर से उन्हें दिल से प्रणाम करते हैं और उन्हें अंतर्मन से सम्मानित करते हैं। विनय पासवान जी जैसे लोग ही आज के समय के जीते-जागते नायक हैं।” डॉ. चंद्रा ने बचाए न जा सके बच्चे की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और उसकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। विनय पासवान का यह निस्वार्थ कार्य निःसंदेह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है।