Aurangabad:हिंदी भाषा के पहले कवि चंद्रवरदाई की जयंती पर साहित्यिक संध्या

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Magadh Express:औरंगाबाद जिला मुख्यालय के सत्येंद्र नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध कवि एवं लेखक लवकुश प्रसाद सिंह के आवास पर हिंदी साहित्य के आदिकाल के आदि कवि चंद्रवरदाई जी के 875 वीं जयंती के अवसर पर साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया।जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने किया।जबकि संचालन पृथ्वीराज चौहान चैरिटेबल ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी सुरेश विद्यार्थी द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज के गणित विभाग के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉ शिवपूजन सिंह ने संबोधन के क्रम में कहा कि चंद्रवरदाई हिंदी भाषा के पहले कवि थे और उनकी रचना पृथ्वीराज रासो पहला काव्य है। जिसमें,10000 छंद रचे गए हैं। संस्था के महामंत्री धनंजय जयपुरी ने कहा कि रासो काव्य परंपरा की प्रमुख काव्य कृति पृथ्वीराज रासो महाकाव्य हिंदी भाषा का सबसे बड़ा महाकाव्य है। इस महाकाव्य में वीरतापूर्ण युद्धों और प्रेम प्रसंगों का वर्णन है। इसकी भाषा को पिगल कहा जाता है।

लवकुश प्रसाद सिंह अलख देव सिंह एवं अर्जुन सिंह ने कहा कि चंद्रवरदाई को वीरगाथा काल का प्रेरक कवि माना जाता है। औरंगाबाद भारत का पहला जिला है जहां ब्लॉक मोड़ के पास पृथ्वीराज चौहान के प्रतिमा के साथ-साथ चंद्रवरदाई जी की प्रतिमा स्थापित की गई है।

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