औरंगाबाद में चेहल्लुम पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज: डीएम और एसपी ने की संयुक्त ब्रीफिंग, डीजे के प्रयोग पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
Magadh Express —औरंगाबाद जिले में आगामी 4 अगस्त 2026 को मनाए जाने वाले चेहल्लुम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभागार में एक उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक श्री उपेन्द्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस ब्रीफिंग बैठक में पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जुलूस मार्गों पर विशेष सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बैठक की शुरुआत में सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि 4 अगस्त को विभिन्न स्थानों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। इसे देखते हुए जुलूस मार्गों, धार्मिक स्थलों, कर्बला, पहलाम स्थलों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छोटी से छोटी घटना या विवाद को भी पूरी गंभीरता से लिया जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

जिला प्रशासन के प्रमुख निर्देश और प्रतिबंध:
- बिना अनुमति जुलूस प्रतिबंधित: सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। जुलूस केवल पूर्व निर्धारित और स्वीकृत मार्गों पर ही संचालित होंगे, मार्ग परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
- डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध: जुलूस के दौरान डीजे के प्रयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार के अवैध हथियार, उत्तेजक नारे, अशोभनीय प्रदर्शन या पटाखों के इस्तेमाल पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- तकनीकी निगरानी: संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से पैनी नजर रखी जाएगी। साथ ही हर प्रमुख जुलूस की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
- बुनियादी सुविधाएं: कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और अन्य नागरिक सुविधाएं समय से दुरुस्त कर ली जाएं।
- शांति समिति की बैठकें: सभी थानाध्यक्षों को आवश्यक संख्या में बॉन्ड भरवाने और अनुज्ञप्ति देने से पहले जुलूस मार्ग का भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शांति समिति की बैठकें आयोजित कर आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
जिला पदाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति धर्म, जाति या भाषा के नाम पर सामाजिक वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने या साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ विधि सम्मत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बैठक में इन प्रमुख अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं:
- श्री उपेन्द्रनाथ वर्मा (पुलिस अधीक्षक)
- श्री अनुग्रह नारायण सिंह (अपर समाहर्ता)
- कुमारी अनुपम सिंह (उप विकास आयुक्त)
- मोहम्मद सादुल हसन खां (अपर समाहर्ता, विशेष शाखा)
- श्री उपेंद्र पंडित (अपर समाहर्ता, आपदा)
- श्री गौरव सिंह (सदर अनुमंडल पदाधिकारी)
- श्री अमित राजन (अनुमंडल पदाधिकारी, दाउदनगर – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से)
- इसके अलावा सभी पुलिस उपाधीक्षक, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री इफ्तेखार अहमद, सदर डीसीएलआर श्री श्वेतांक लाल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती बेबी प्रिया एवं सभी थानों के थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।
