औरंगाबाद में ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ की समीक्षा: जिला पदाधिकारी ने दिए तेज कार्यनिष्पादन के निर्देश
Magadh Express : औरंगाबाद जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को धरातल पर उतारने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। आज समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति और बाधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
6,578 लाभुकों का लक्ष्य और तेज रफ्तार की तैयारी
बैठक में जानकारी दी गई कि औरंगाबाद जिले के लिए 6,578 लाभुकों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत 7,236 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को नवंबर 2026 तक हासिल करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए 100 कर्मियों को प्रतिनियोजित किया गया है और प्रतिदिन औसतन 49 सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान में जिले की 55 पंचायतों से 8,505 कंसेंट (Consent) अपलोड किए जा चुके हैं।

’सूर्य ग्राम’ और ‘मॉडल सोलर विलेज’ पर विशेष जोर
जिले में शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा कवरेज सुनिश्चित करने के लिए दो प्रमुख अभियानों की रणनीति बनाई गई है:
- एक सूर्य ग्राम-एक राजस्व ग्राम: जिले के 10 प्रखंडों के चयनित गांवों में 3,263 पात्र घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाने की योजना है।
- मॉडल सोलर विलेज: जिले के 11 प्रमुख प्रखंडों में 11 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां 1,966 घरेलू उपभोक्ताओं को चिन्हित कर योजना का लाभ दिया जाएगा।
वर्तमान प्रगति की स्थिति
योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के आंकड़े उत्साहजनक हैं:
- आवेदन एवं स्वीकृति: अब तक 1,012 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,002 की तकनीकी व्यवहार्यता (Feasibility) स्वीकृत हो चुकी है।
- संस्थापन: 184 रूफटॉप सोलर संयंत्रों को सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है।
- सब्सिडी: सरकार की ओर से वित्तीय सहायता देने में भी तेजी आई है। अब तक 162 लाभुकों के बैंक खातों में सब्सिडी की राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित की जा चुकी है।
बैंकों को लंबित ऋण आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
बैठक में बैंक ऋण संबंधी लंबित आवेदनों पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई और बैंक प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए। जिले में वर्तमान में 436 ऋण आवेदन लंबित या प्रक्रियाधीन हैं। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र लाभुकों को बिना किसी बाधा के ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

नगर निकायों में विशेष अभियान
औरंगाबाद और दाउदनगर नगर परिषद क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर प्रशासन का विशेष ध्यान है। इन क्षेत्रों में 200 से 500 यूनिट मासिक खपत वाले 9,084 उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं। इन सभी को योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष जागरूकता और नामांकन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में वरीय उपसमाहर्ता श्री रितेश कुमार यादव, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने अंत में सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि औरंगाबाद जिला ‘मुफ्त बिजली’ के लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर सके।
