मुहर्रम 2026: औरंगाबाद पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, दंगाइयों से निपटने और विधि-व्यवस्था का दिखाया दमखम
Magadh Express:आगामी मुहर्रम पर्व के दौरान जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में, आज दिनांक 24 जून 2026 को पुलिस केंद्र, औरंगाबाद के मैदान में एक विस्तृत ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति, साम्प्रदायिक तनाव या उपद्रव की स्थिति में पुलिस बल की तत्परता और त्वरित कार्रवाई क्षमता को परखना था।
मॉक ड्रिल में दिखाई गई पुलिस की तत्परता
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस बल ने उपद्रवियों को नियंत्रित करने, भीड़ को तितर-बितर करने और संवेदनशील स्थितियों में संयम के साथ बल प्रयोग करने का सजीव प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में शामिल पुलिसकर्मियों को निम्नलिखित परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया गया:
- दंगा नियंत्रण: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज के मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का अभ्यास किया गया।
- घायलों का बचाव: यदि किसी स्थिति में नागरिक या पुलिसकर्मी घायल होते हैं, तो उन्हें त्वरित राहत पहुँचाने और सुरक्षित निकालने का पूर्वाभ्यास किया गया।
- संदिग्धों की घेराबंदी: असामाजिक तत्वों या अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर उन्हें तुरंत हिरासत में लेने की त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया।

जिला प्रशासन का कड़ा संदेश
जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित इस ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुहर्रम के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहेगी और ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर हरकत पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पुलिस केंद्र में आयोजित इस सत्र में वरीय अधिकारियों ने पुलिस बल को निर्देश दिया कि वे पर्व के दौरान धैर्य रखें, लेकिन कानून तोड़ने वालों के प्रति कतई नरमी न बरतें। मॉक ड्रिल में शामिल जवानों को यह भी सिखाया गया कि कैसे आपसी समन्वय स्थापित कर एक छोटी सी घटना को बड़ा रूप लेने से पहले ही समाप्त किया जाए।
पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने से बचें। पुलिस और प्रशासन की टीमें मुहर्रम की समाप्ति तक पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी और चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
