बिहार की राजनीति से RJD का ‘विलुप्तिकरण’? डायनासोर से हो रही तुलना!केंद्रीय मंत्री का दावा -जो हश्र धरती पर डायनासोर का हुआ, आने वाले वक्त में वही हश्र बिहार में RJD का होगा
Magadh Express :बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली करारी हार के बाद अब विरोधी दलों के हमले तेज हो गए हैं। सत्ता पक्ष के नेता RJD के भविष्य पर तंज कस रहे हैं और उसकी तुलना धरती से विलुप्त हो चुके डायनासोर से कर रहे हैं।
, केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने RJD पर कटाक्ष करते हुए एक बड़ा बयान सोशल मीडिया पर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि जो हश्र धरती पर डायनासोर का हुआ, आने वाले वक्त में वही हश्र बिहार में RJD का होगा।
“दोबारा डायनासोर आ सकता है, पर बिहार में राजद नहीं!”
मांझी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “हश्र धरती पर डायनासोर का हुआ, आने वाले वक्त में वही हश्र बिहार में राजद का होगा। अब तो सब लोग कहने लगे हैं… ‘धरती पर दोबारा डायनासोर आ सकता है पर बिहार में राजद के लोग नहीं आ सकते’।”
उन्होंने इस बयान के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि NDA की प्रचंड जीत के बाद उन्हें लगता है कि RJD का सत्ता में लौटना अब असंभव है।
चुनावी नतीजों ने बढ़ा दी RJD की चिंता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में RJD महज़ 25 सीटों पर सिमट गई है। पार्टी ने सबसे ज़्यादा 143 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे बड़ी निराशा हाथ लगी।इस हार ने RJD के भविष्य पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।पार्टी राज्यसभा में भी अपनी उपस्थिति खोने के कगार पर है, क्योंकि अगले 4 वर्षों में उसके 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
डायनासोर की तुलना का क्या है मतलब?
यह तुलना RJD के राजनीतिक ‘विलुप्तिकरण’ की ओर इशारा करती है। विरोधी दलों का मानना है कि जनादेश ने लालू परिवार और उनकी पार्टी के ‘स्वार्थी चरित्र’ को नकार दिया है। सत्ता पक्ष का दावा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में जिस गति से विकास होगा, उससे RJD का सत्ता में वापसी का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा।