Aurangabad, निर्माणाधीन नाला की “ढलाई टूटी, घटिया निर्माण से मंडरा रहा खतरा – दुर्गा पूजा में हादसे का गढ़ बन सकता है नबीनगर का मंगल बाजार”
संदीप कुमार
औरंगाबाद : नवीनगर नगर पंचायत के मंगल बाजार में बन रहे नाले का निर्माण कार्य अब गंभीर सवालों के घेरे में है। 20 अगस्त को सड़क की खुदाई कर इस नाले का काम शुरू किया गया था। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है। सड़क के बीचोबीच 50 मीटर से ज्यादा हिस्सा खोदकर नाला बनाया गया, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि महज एक सप्ताह पूर्व की गई ढलाई शनिवार की रात बीच से टूट गई।

ढलाई टूटने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मोहल्लेवासियों ने कहा कि यह खुला प्रमाण है कि निर्माण में घटिया मटेरियल लगाया गया है। एक राहगीर ने आक्रोश जताते हुए कहा – “जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है और हमारी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। ठेकेदार और अधिकारी की मिलीभगत साफ दिख रही है।” वहीं एक महिला ने कहा – “दुर्गा पूजा में जब हजारों लोग इसी रास्ते से गुजरेंगे तो किसी दिन बड़ा हादसा हो जाएगा। तब प्रशासन जिम्मेदारी से भागेगा।”

वार्ड संख्या 8 के पार्षद प्रतिनिधि दीपक चंद्रवंशी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की शिकायत सुनी और भरोसा दिलाया कि मामला नगर प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। लेकिन स्थानीय लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत और जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
आगामी दिनों में दुर्गा पूजा को लेकर यहां भीड़ और बढ़ेगी। देर रात तक महिलाएं और बच्चे दर्शन-पूजन के लिए निकलते हैं। साथ ही चंद्रगढ़ और नवीनगर इलाके की प्रतिमाएं भी इसी मार्ग से होकर पुनपुन नदी में विसर्जन के लिए जाती हैं। एक दुकानदार ने तीखे लहजे में कहा – “बाजे-गाजे और जुलूस के बीच अगर यह कमजोर ढलाई ध्वस्त हुई तो दर्जनों लोग जिंदा दफन हो सकते हैं। क्या प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?”

लोगों का कहना है कि यह केवल ठेकेदार की लापरवाही नहीं बल्कि नगर पंचायत और अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है। जनता का सवाल साफ है – “जब सरकार विकास के नाम पर करोड़ों खर्च दिखाती है तो धरातल पर यह घटिया काम क्यों नजर आता है?”
जाहिर है, मंगल बाजार का अधूरा और टूटा नाला इस वक्त पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का कारण बन गया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो दुर्गा पूजा के भीड़भाड़ वाले दिनों में यह नाला मौत का जाल बन सकता है।