Aurangabad:कार्तिक पूर्णिमा पर मोक्ष दायिनी पुन पुन में हजारों श्रद्धालुओ ले लगायी आस्था की डुबकी, लोगों ने उठाया मेले का लुफ्त

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संदीप कुमार

Magadh Express: औरंगाबाद जिले के नवीनगर में पुनपुन उद्गम स्थल कुंड नदी के तट पर शुक्रवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगे मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मोक्ष दायिनी पुन पुन में आस्था की डुबकी लगाई, भक्तों ने गरीब-निराश्रितों को दान समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर पुण्यार्जित किया। नदी में स्नान और ध्यान किया। तट पर पूजन-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मनोकामना पूर्ति के लिए वर मांगा। इस दौरान न सिर्फ शहर और गांव से बल्कि आसपास से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। लोगों का उत्साह इस मेले में देखते ही बन रहा है। हजारों की संख्या में मेले में लोग पहुंचे ।लोगों ने पुनपुन स्नान के बाद जमकर खरीदारी की।

मेले में सबसे अधिक मिट्टी के बर्तन, बच्चों के खिलौने और लकड़ी के सामान की बिक्री हुई है। इसके साथ ही लोग धार्मिक फोटो, लॉकेट भी खरीद रहे है।मेले में पुलिस के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।श्रद्धालु स्नान ध्यान के बाद मेले का भी आनंद लेते नजर आए। बच्चे जहां खिलौने की दुकानों पर मचलते देखें गए वहीं महिला श्रद्धालुओं की भीड़ चाट व फ़ास्ट फ़ूड स्टाल के आसपास मंडराती नजर आई।हिंदू धर्म मे कार्तिक माह पुण्य माह के रूप में मनाया जाता हैl वही कार्तिक पूर्णिमा पुनपुन स्नान की महत्ता वेदों में वर्णित हैl

पुनपुन नदी गंगा के बाद के सबसे पवित्र नदी मानी गई है । कार्तिक पूर्णिमा हिंदू समाज के लोग सबसे पवित्र नदी गंगा और पुनपुन में स्नान कर अपने आप को धन्य मानते हैं l वही टंडवा में पुनपुन नदी स्नान कर लोग सूर्य की उपासना करते हैं जिसके उपलक्ष में सदियों से मेला का आयोजन होते रहा है । लोग आज के दिन को लोग उत्सव के रूप में मनाते आ रहे हैं l जिस पवित्र नदी में लोग स्नान कर पुण्य के रूप में देखते हैं आज वही नदी अपनी अस्मिता प्राप्त करने हेतु जंग लड़ रही है आलम यह है कि उद्गम स्थान से 8 किलोमीटर तक नदी अतिक्रमण के भेंट चढ़ गई नदी एक छोटी सी नाले के रूप में ही दिखती है ।

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