Gaya: डीएम का आदेश ,मंदिर एवं मठों की भूमि का नए सर्वे में होगा सुरक्षित पंजीकरण, महंत एवं पुजारी शीघ्र उपलब्ध कराएं सभी आवश्यक अभिलेख,औरंगाबाद में कब?

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धीरज गुप्ता

Magadh Express:जिला पदाधिकारी गया शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंतों, पुजारियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई है।इस बैठक का उद्देश्य जिले में स्थित मंदिरों एवं मठों की भूमि को वर्तमान विशेष सर्वेक्षण में विधिवत दर्ज कराना, उनकी विधिक सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा अतिक्रमण एवं अवैध जमाबंदी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करना था।

इस बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि मंदिर एवं मठों की भूमि धार्मिक एवं सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका विधिवत अभिलेखीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी महंतों एवं पुजारियों से अपील की कि अपने-अपने मंदिर एवं मठों से संबंधित उपलब्ध सभी दस्तावेज, अभिलेख एवं भूमि का विस्तृत विवरण शीघ्र जिला बंदोबस्त कार्यालय में जमा कराएं, जिससे विशेष सर्वेक्षण के दौरान सभी भूमि का सही रूप से पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कई स्थानों से मंदिर एवं मठों की भूमि पर अतिक्रमण तथा अवैध कब्जे की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। ऐसे मामलों में संबंधित सभी अभिलेख उपलब्ध होने पर प्रशासन आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। साथ ही मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में भी विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन मामलों में मंदिर अथवा मठ की भूमि पर किसी निजी व्यक्ति के नाम से जमाबंदी कायम कर दी गई है, उन सभी मामलों की विधिक समीक्षा कर अपर समाहर्ता (राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा तथा नियमानुसार अवैध जमाबंदी के रद्दीकरण की कार्रवाई कराई जाएगी।

उन्होंने जिले के सभी महंतों एवं पुजारियों से आग्रह किया कि गया जिले के किसी भी प्रखंड में यदि उनके मंदिर अथवा मठ की भूमि स्थित है तो उसका खाता, खेसरा, थाना, मौजा एवं अन्य उपलब्ध विवरण जिला बंदोबस्त पदाधिकारी को अविलंब उपलब्ध कराएं, ताकि सर्वेक्षण कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

इस बैठक में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि पूर्ववर्ती सर्वेक्षण में मंदिर एवं मठ के नाम से दर्ज भूमि को वर्तमान विशेष सर्वेक्षण में भी मंदिर एवं मठ के नाम से ही दर्ज किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में ऐसी भूमि किसी निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज नहीं की जाएगी।

जिला पदाधिकारी ने जिला बंदोबस्त पदाधिकारी को निर्देश दिया कि यदि किसी मंदिर अथवा मठ की भूमि से संबंधित विवाद लंबित हो तो सुनवाई के दौरान संबंधित मठ अथवा मंदिर को अनिवार्य रूप से नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जाए, ताकि किसी भी धार्मिक संस्था के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

इस बैठक में संबंधित राजस्व पदाधिकारी, जिला बंदोबस्त कार्यालय के अधिकारी तथा जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंत एवं पुजारी उपस्थित रहे हैं।

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