औरंगाबाद: टीबी मुक्त भारत अभियान में सुस्ती पर डीएम सख्त, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी चेतावनी
Magadh Express:औरंगाबाद में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की धीमी प्रगति को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आज, 6 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में लक्ष्य के अनुरूप काम न होने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान में लापरवाही बरतने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम स्क्रीनिंग
जिलाधिकारी ने जब आंकड़ों की समीक्षा की, तो स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती खुलकर सामने आई। जिले में छह लाख लोगों की स्क्रीनिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक मात्र 47,228 लोगों की ही स्क्रीनिंग हो पाई है। इसके अतिरिक्त, अभियान के तहत अब तक 13,433 एक्स-रे और 1,749 नॉट (NAAT) टेस्ट किए गए हैं, जो लक्ष्य की तुलना में काफी कम हैं।

डीएम ने दी कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में डीएम ने सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. अनवर आलम को निर्देशित किया कि जो भी पदाधिकारी या स्वास्थ्य कर्मी अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहे हैं, उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण अभियान में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
45 दिनों का विस्तार और नई रणनीति
अभियान की धीमी रफ्तार को देखते हुए प्रशासन ने टीबी मुक्त भारत अभियान की अवधि को 45 दिनों के लिए विस्तारित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, डीएम ने अभियान को गति देने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है:
- व्यापक जन-भागीदारी: घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) और आरबीएसके टीम को सक्रिय किया जाएगा।
- आशा और जीविका का सहयोग: स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और जीविका दीदियों के समूहों को भी इस अभियान के साथ जोड़ा जाएगा।
- निगरानी: जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अब इन सभी स्तरों पर अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी।
डीएम ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब यह देखना होगा कि प्रशासन द्वारा अपनाई गई इस नई रणनीति के बाद टीबी स्क्रीनिंग की गति में कितनी तेजी आती है।
