औरंगाबाद: सिद्धार्थ हत्याकांड के विरोध में नवीनगर की सड़कें बनीं गवाह, न्याय के लिए उमड़ा जनसैलाब

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नवीनगर से संदीप कुमार

Magadh Express: औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के टंडवा थाना क्षेत्र के मोहरी ईटवा गांव में पांच वर्षीय मासूम सिद्धार्थ कुमार की निर्मम हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य घटना के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए बुधवार देर शाम नवीनगर शहर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान पूरा शहर मासूम सिद्धार्थ की याद में गमगीन और हत्यारों के प्रति गुस्से में दिखाई दिया।

​’सिद्धार्थ को इंसाफ दो’ के नारों से गूंजा शहर

​कैंडल मार्च में शहर के गणमान्य लोगों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हाथों में जलती मोमबत्तियाँ और न्याय की मांग वाले पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी जब सड़कों पर उतरे, तो माहौल पूरी तरह भावुक हो गया।

​पूरा शहर “सिद्धार्थ को इंसाफ दो”, “हत्यारों को फांसी दो” और “अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करो” के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पांच साल के एक निर्दोष बच्चे के साथ इतनी क्रूरता समाज के लिए एक बदनुमा दाग है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​फांसी की सजा और ‘बुलडोजर’ कार्रवाई की मांग

​प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार के समक्ष अपनी मांगें पुरजोर तरीके से रखीं:

  • फांसी की सजा: सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि सिद्धार्थ के हत्यारों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले और उन्हें अविलंब फांसी की सजा दी जाए।
  • कठोरतम कार्रवाई: लोगों ने मांग की कि अपराधियों के घरों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में अपराधियों के प्रति भय पैदा हो और भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न करे।
  • नजीर पेश करने की मांग: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज में एक नजीर (उदाहरण) बने।

​’न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई’

​कैंडल मार्च के अंत में प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन महज एक शुरुआत है। जब तक पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। मार्च में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि वे इस मामले में किसी भी तरह की कोताही न बरतें और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करें।

​पूरे आयोजन के दौरान शहर में शांति व्यवस्था बनी रही, लेकिन मासूम के प्रति लोगों के दिलों में गहरा दुख और हत्यारों के लिए सख्त आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। लोग कैंडल मार्च के जरिए सिद्धार्थ की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते दिखे।

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