औरंगाबाद में भीषण सड़क हादसा: बेटी का इलाज कराने जा रहे शिक्षक को ट्रक ने रौंदा, मौके पर ही मौत; परिजनों में कोहराम
संजीव कुमार,मदनपुर (औरंगाबाद)।
Magadh Express:बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर दर्जी बिगहा मोड़ के समीप एक तेज रफ्तार गैस सिलेंडर लदे ट्रक ने बाइक सवार शिक्षक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठी उनकी 10 वर्षीय पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई।
मृतक शिक्षक की पहचान मदनपुर थाना क्षेत्र के बंगरे गांव निवासी प्रमोद कुमार मेहता (सिंह) के रूप में हुई है। वहीं उनकी घायल पुत्री निधि कुमारी को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

बेटी की दवा कराने जा रहे थे औरंगाबाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमोद कुमार मेहता अपनी छोटी बेटी निधि कुमारी की तबीयत खराब होने के कारण उसका इलाज कराने बाइक से औरंगाबाद जा रहे थे। जैसे ही वे दर्जी बिगहा मोड़ के पास पहुंचे और सड़क पार करने की कोशिश की, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक (जिस पर गैस सिलेंडर लदे थे) ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पलट गई और दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण शिक्षक प्रमोद कुमार वहीं अचेत होकर गिर पड़े।
अस्पताल ले जाने के दौरान तोड़ा दम
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना मदनपुर थाना पुलिस और परिजनों को दी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मदनपुर ले जाया गया। जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद शिक्षक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज (गया) रेफर कर दिया। हालांकि, गया पहुँचते ही डॉक्टरों ने नब्ज टटोलते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। माता राधा देवी, पत्नी संगीता देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम का माहौल पसरा हुआ है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, मुआवजे की मांग
घटना को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीण दर्जी बिगहा मोड़ पर एकत्रित हो गए और उचित मुआवजे व आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे के साथ-साथ एक सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े थे।
प्रशासन ने कराया शांत:
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही मदनपुर अंचलाधिकारी (CO) अकबर हुसैन, थानाध्यक्ष राजेश कुमार, एसआई सुरेंद्र कुमार और एएसआई श्रीकांत पाण्डेय दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाया-बुझाया और पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा व हरसंभव मदद का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया जा सका। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
2003 से स्कूल में तैनात थे शिक्षक प्रमोद
ग्रामीणों ने बताया कि प्रमोद कुमार सिंह बेहद मिलनसार व्यक्ति थे। वे साल 2003 से ही बादम स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय थे। वे अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके पिता एक साधारण किसान हैं। प्रमोद अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों का हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं।
इस दुखद घटना पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
