औरंगाबाद : संभावित बाढ़, सुखाड़ और लू से निपटने की तैयारियां तेज; प्रभारी सचिव मनोज कुमार और डीएम अभिलाषा शर्मा ने की हाई-लेवल मीटिंग
Magadh Express:गर्मी के मौसम में भीषण लू (हीट वेव) के प्रकोप तथा आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मंगलवार को जिला अतिथि गृह में पंचायती राज विभाग के सचिव-सह-जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार (IAS) की अध्यक्षता तथा जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) की गरिमामयी उपस्थिति में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के साथ काम करने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में आमजन की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बाढ़ से बचाव: 86 ऊंचे स्थल चिन्हित, 24 घंटे अलर्ट पर DEOC
बैठक में अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) श्री उपेंद्र पंडित ने जिले की तैयारियों का खाका पेश किया:
- राहत सामग्री: जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय कर दिया गया है। वर्तमान में जिले में 1,429 पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध हैं और अतिरिक्त जरूरत के लिए गया जिले से 1,200 और पॉलीथीन शीट्स मांगी गई हैं।
- राहत शिविर व नावें: बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जिले में 86 ऊंचे स्थलों का चयन कर लिया गया है। साथ ही आपातकालीन रेस्क्यू के लिए 11 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा (MoU) पूरा हो चुका है।
- तटबंधों की मरम्मत: सोन नदी के तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा का कार्य मुख्य अभियंता (सिंचाई सृजन परिक्षेत्र, डिहरी) के निर्देशन में चल रहा है। प्रभारी सचिव ने सभी सिंचाई प्रणालियों को एक्टिव रखने और बांधों की चौबीसों घंटे निगरानी का आदेश दिया।
सुखाड़ से निपटने की तैयारी: 1,556 योजनाएं सक्रिय और वैकल्पिक फसलों का प्लान
कम वर्षा या मानसून में देरी की स्थिति से निपटने के लिए कृषि और लघु सिंचाई विभाग को मुस्तैद किया गया है:
- जल संचयन: लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले में आहर-पैन, तालाब, चेकडैम और नलकूप सहित कुल 1,556 योजनाएं क्रियाशील रखी गई हैं।
- वैकल्पिक खेती: कृषि विभाग ने अनावृष्टि (कम बारिश) की स्थिति के लिए मक्का, मडुआ, अरहर और धान की विशेष कम पानी वाली किस्मों की वैकल्पिक फसलों का प्रस्ताव तैयार कर कृषि निदेशालय को भेजा है। बिचड़ों (धान की नर्सरी) को बचाने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।

हेल्थ सेक्टर: सदर अस्पताल में 99 बेड का स्पेशल ‘हीट वेव वार्ड’ तैयार
भीषण गर्मी और महामारी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं:
- दवाओं का स्टॉक: संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए 364 प्रकार की आवश्यक दवाओं का भंडारण किया गया है। सदर अस्पताल में सर्पदंश (सांप काटने) और एंटी-रेबीज (कुत्ता काटने) के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
- हीट वेव वार्ड: लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है, जिसमें 99 बेड, 20 एयर कंडीशनर (AC) और 15 कूलर लगाए गए हैं।
- पशुधन की सुरक्षा: पशुओं के लिए 33 राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं, 12 कैटल ट्रफ (पानी पीने के नाद) संचालित हैं और गांवों में चलंत पशु चिकित्सा दल (मोबाइल मेडिकल टीम) का गठन किया गया है।
श्रम विभाग का बड़ा फैसला: बदला मजदूरों के काम का समय
कड़ी धूप और जानलेवा लू से मजदूरों को बचाने के लिए श्रम विभाग ने कार्य अवधि (वर्किंग ऑवर्स) को लचीला और दो शिफ्टों में निर्धारित किया है:
- सुबह की शिफ्ट: प्रातः 06:00 बजे से 11:00 बजे तक।
- शाम की शिफ्ट: अपराह्न 03:30 बजे से शाम 06:30 बजे तक।
- सभी कार्यस्थलों और सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में पेयजल, ओआरएस (ORS) और फर्स्ट-एड बॉक्स रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

पेयजल संकट और आगलगी पर विशेष नजर
- शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति: नगर निकायों और PHED द्वारा अत्यधिक जल संकट वाले वार्डों में 26 डीप बोरिंग के जरिए पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जा रहा है। औरंगाबाद, दाउदनगर, बारूण, देव एवं रफीगंज में टैंकरों, वाटर एटीएम और स्टैंड पोस्ट के जरिए पानी बांटा जा रहा है। प्रमुख चौक-चौराहों पर प्याऊ खोले गए हैं।
- बिजली व अग्निशमन: बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि तेज हवा के कारण ढीले तारों से होने वाली आगलगी (आग लगने की घटनाओं) को रोकने के लिए तुरंत मेंटेनेंस करें। जिला अग्निशमन पदाधिकारी को भीड़भाड़ वाले इलाकों में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल करने को कहा गया है।
- वन्यजीवों की सुरक्षा: वन विभाग को निर्देश दिया गया है कि अभ्यारण्यों और पार्कों में वन्यजीवों के लिए गड्ढे खोदकर पानी की व्यवस्था की जाए और उनके पिंजरों को ठंडा रखा जाए।
रेडियो, एफएम और सोशल मीडिया से चलेगा जागरूकता अभियान
प्रभारी सचिव ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया सहित रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से लू, बाढ़, सुखाड़, आगलगी और पराली दहन (पुआल जलाने) से बचाव के लिए जिले में बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि नागरिक खुद भी सतर्क रह सकें।

बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अम्बरीष राहुल (IPS), उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती अनन्या सिंह (IAS), अपर समाहर्त्ता आपदा श्री उपेंद्र पंडित, सिविल सर्जन श्री कृष्ण कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) श्री इफ्तेखार अहमद सहित जिले के सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
