किड्डू प्ले स्कूल, औरंगाबाद की प्रतिभा का वैश्विक परचम: 6 वर्षीय आरवी सिंह ने 4 सेकंड में उल्टी वर्णमाला उच्चारण से बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
शिक्षा-जगत के क्षितिज पर औरंगाबाद से एक ऐसी उज्ज्वल किरण प्रस्फुटित हुई है, जिसने न केवल स्थानीय परिदृश्य को आलोकित किया है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी प्रतिभा का प्रखर प्रकाश बिखेरा है। टैक्सवे ग्रुप के किड्डू प्ले स्कूल, (जैसलमेर राजस्थान) के औरंगाबाद ब्रांच की मेधावी छात्रा, 6 वर्षीया आरवी सिंह, ने अंग्रेजी वर्णमाला को Z से A तक केवल 4 सेकंड में सस्वर एवं शुद्धता के साथ प्रस्तुत कर विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

यह अभूतपूर्व उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्था वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड, लंदन के तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन मेधा-परीक्षण कार्यक्रम—“Fastest to Recite English Alphabet in Reverse Order by a Group”—के अंतर्गत दिनांक 31 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। इस स्पर्धा में प्रतिभागियों को न केवल तीव्र गति, अपितु अक्षर-संयोजन की पूर्ण शुद्धता के साथ प्रदर्शन करना अनिवार्य था, जिसमें आरवी सिंह ने अद्वितीय कौशल का परिचय देते हुए यह दुर्लभ उपलब्धि अर्जित की।

यह कीर्तिमान मात्र एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उस सुदृढ़ शैक्षिक दर्शन और अभिनव शिक्षण-पद्धति का प्रतिफल है, जिसे किड्डू प्ले स्कूल, औरंगाबाद निरंतर विकसित और क्रियान्वित कर रहा है।
असाधारण स्मरण-शक्ति और अनुशासित साधना का प्रतिफल
विदित हो कि आरवी सिंह, जो विगत दो वर्षों से इस संस्थान से जुड़ी हैं, प्रारंभ से ही अपनी तीव्र ग्रहणशीलता, स्मृति-निपुणता एवं एकाग्रता के लिए विशिष्ट रही हैं। विविध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमिक प्रतियोगिताओं में उनका सतत उत्कृष्ट प्रदर्शन यह प्रमाणित करता है कि उनकी यह सफलता आकस्मिक नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, सुव्यवस्थित प्रशिक्षण एवं पारिवारिक संस्कारों का सशक्त परिणाम है।
आरवी सिंह के पिता मुकुल रंजन सिंह, खड़िहाँ मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं, जिनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि ने आरवी को एक बौद्धिक परिवेश प्रदान किया। वहीं उनकी माता, एक समर्पित गृहिणी, ने स्नेहिल अनुशासन और नियमित अभ्यास के माध्यम से उनकी प्रतिभा को परिष्कृत किया।

Taxway Group Kiddoo Play School: नवोन्मेषी शिक्षण का केंद्रबिंदु
किड्डू प्ले स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता के समग्र संवर्धन का एक सशक्त केंद्र है। यहाँ शिक्षा को पारंपरिक सीमाओं में आबद्ध न रखकर, उसे अनुभवात्मक, स्मृति-आधारित एवं प्रतिस्पर्धात्मक आयामों से समृद्ध किया जाता है।विद्यालय की शिक्षण-पद्धति का मूलाधार है—“Memory Based Learning System”, जिसके अंतर्गत बच्चों को—
—तीव्र स्मरण तकनीक (Rapid Memory Techniques)
दृश्य एवं श्रव्य अधिगम (Visual-Auditory Learning)
माइंड मैपिंग एवं ब्रेन एक्टिवेशनमंचीय प्रस्तुति (Stage Performance Skills)
आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास
जैसे आयामों में प्रशिक्षित किया जाता है। यही कारण है कि यह संस्थान पहले से ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड्स प्राप्त टैक्सवे ग्रुप से संबद्ध होकर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या रिंकू देवी ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—“आरवी की सफलता हमारे शिक्षण-दर्शन की सार्थकता का जीवंत उदाहरण है। हम बच्चों को केवल पाठ्यज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके भीतर निहित क्षमता को जाग्रत कर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाते हैं।”
वहीं संस्थान के निदेशक राकेश कुमार ने कहा कि —“किड्डू प्ले स्कूल का उद्देश्य शिक्षा को एक नवीन आयाम देना है, जहाँ प्रत्येक बालक अपनी अंतर्निहित प्रतिभा को पहचानकर उसे उत्कृष्टता के शिखर तक पहुँचा सके। अरवी की उपलब्धि हमारे इसी संकल्प की प्रतिध्वनि है।”
गतिविधियाँ: जहाँ शिक्षा बनती है अनुभव
विद्यालय में समय-समय पर आयोजित होने वाली विविध गतिविधियाँ, जैसे—मेमोरी चैलेंज प्रतियोगिताएँ, स्पीड लर्निंग वर्कशॉप, इंटरनेशनल रिकॉर्ड इवेंट्स में भागीदारी, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताएँ, पब्लिक स्पीकिंग एवं स्टेज प्रेजेंस ट्रेनिंग, बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही वैश्विक मंच के लिए तैयार करती हैं।

प्रेरणा का स्रोत बनी अरवी की उपलब्धि
औरंगाबाद जिले की एक छोटी से बच्ची आरवी सिंह की यह ऐतिहासिक सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह सम्पूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है। यह उपलब्धि इस तथ्य को पुनः स्थापित करती है कि—“उचित मार्गदर्शन, नवोन्मेषी शिक्षण एवं सतत अभ्यास के समन्वय से बाल-प्रतिभाएँ भी विश्व पटल पर अपनी अमिट छाप अंकित कर सकती हैं।”
औरंगाबाद की इस नन्ही प्रतिभा ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी आयु की मोहताज नहीं होती तथा किड्डू प्ले स्कूल जैसे संस्थान, जो शिक्षा को रचनात्मकता, विज्ञान और मनोविज्ञान के समन्वय के साथ प्रस्तुत करते हैं, वही भविष्य के वैश्विक नागरिकों का निर्माण करते हैं।