Aurangabad:देव सूर्य मंदिर में आस्था का सैलाब: मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने किया भगवान सूर्य का दर्शन

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Magadh Express: त्रेतायुगीन काल से प्रसिद्ध और बिहार के गौरव, औरंगाबाद जिले के देव स्थित सूर्य मंदिर में आज माघ कृष्ण पक्ष की अमावस्या यानी मौनी अमावस्या के अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड और सुबह के कोहरे के बावजूद, श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।आज अहले सुबह से ही बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित राज्य के कई जिलों से श्रद्धालु देव पहुंचने लगे थे। श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर का पूजन अर्चन किया। मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्ममुहुर्त में स्नान करने और भगवान सूर्य की पूजा करने से कायिक, वाचिक और मानसिक पापों से मुक्ति मिलती है और चर्म रोगों का नाश होता है।


मंदिर में दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें
स्नान के पश्चात श्रद्धालु भगवान सूर्य के दर्शन के लिए मंदिर की ओर रुख करने लगे। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि मंदिर परिसर से बाहर मुख्य सड़कों तक लंबी कतारें देखी गईं। पूरा वातावरण “जय छठी मैया” और “भगवान भास्कर की जय” के जयघोष से गुंजायमान रहा।न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय के नेतृत्व में समिति ने साफ ,सफाई की व्यापक व्यवस्था थी ।वहीं देव थानाध्यक्ष सौरभ कुमार के नेतृत्व में अलग अलग मार्गो पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ।


प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा
भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे: मंदिर परिसर, सूर्य कुंड और चौक-चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की ग सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य शिविर और सुगम आवागमन के लिए यातायात रूट में बदलाव किए गए।


मौनी अमावस्या का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन मौन रहकर दान और स्नान करने का विशेष महत्व है। देव का यह सूर्य मंदिर, जो अपने पश्चिमाभिमुख (पश्चिम की ओर मुख) होने के कारण अद्वितीय माना जाता है, आज भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा।

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