नवीनगर: रेफरल अस्पताल के सफाई कर्मी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों का भारी हंगामा; मुआवजे की मांग पर अड़े

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नवीनगर (औरंगाबाद)। नवीनगर रेफरल अस्पताल में कार्यरत एक सफाई कर्मी की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव व्याप्त हो गया है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शव को मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​मृतक की पहचान संजय पासवान के रूप में हुई है, जो पिछले 10 वर्षों से नवीनगर रेफरल अस्पताल में सफाई कर्मी के पद पर तैनात थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा संजय से सफाई के अतिरिक्त अन्य निजी और जोखिम भरे कार्य भी कराए जाते थे। इसी दौरान वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए, जिससे उनकी आंत फट गई। आनन-फानन में उन्हें बेहतर इलाज के लिए गया भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिजनों के गंभीर आरोप

​मृतक के पुत्र सुजीत पासवान ने अस्पताल प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पिता की मृत्यु प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही का नतीजा है। परिजनों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • ​दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
  • ​पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए।
  • ​मामले की निष्पक्ष जांच हो कि सफाई कर्मी से कौन से ‘अवैध’ कार्य कराए जा रहे थे।

“जब तक वरीय अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक हम शव को यहां से नहीं हटाएंगे।” — परिजनों का सामूहिक बयान

अस्पताल में अफरा-तफरी, पुलिस बल तैनात

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखे होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं और आवाजाही पर भी असर पड़ा है। प्रशासन परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण और परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

​यह घटना अस्पतालों में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की सुरक्षा और उनसे कराए जाने वाले कार्यों की प्रकृति पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

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