Aurangabad:पी.एम. सूर्य घर’ और ‘कुसुम’ योजना: बिहार के घरों और खेतों को मिलेगी सौर ऊर्जा की शक्ति

0
file_000000008a687209962c28cdfda2bc16

Magadh Express– केंद्र सरकार की दो प्रमुख ऊर्जा योजनाएं—’पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और ‘प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (PM KUSUM)’—बिहार के बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई हैं। ऊर्जा विभाग, बिहार सरकार इन योजनाओं के तहत घरेलू और कृषि क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है।


घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ₹78,000 तक का अनुदान
ऊर्जा विभाग, बिहार सरकार द्वारा ‘पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Rooftop) लगाने का अवसर दिया जा रहा है। इस पर ₹78,000.00 तक का भारी अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

संयंत्र की क्षमताअधिकतम अनुदान राशिआवश्यक स्थान (छत)
1 किलोवाट तक₹30,000.00लगभग 80 वर्ग फीट
2 किलोवाट तक₹60,000.00लगभग 160 वर्ग फीट
3 किलोवाट या उससे अधिक₹78,000.00 तकलगभग 240 वर्ग फीट
  • बिजली उत्पादन: 1 किलोवाट का सौर संयंत्र प्रतिमाह लगभग 125 यूनिट बिजली पैदा करता है।
  • लागत की वापसी: संयंत्र लगाने में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति (रिकवरी) आमतौर पर 5 से 7 वर्षों में हो जाती है, जबकि संयंत्र की आयु लगभग 25 वर्ष होती है।
  • आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक उपभोक्ता ‘सुविधा’ एप्प के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
    विद्युत कार्यपालक अभियंता, औरंगाबाद और दाउदनगर के अनुसार, विस्तृत जानकारी और वेन्डरों (विक्रेताओं) की सूची स्थानीय विद्युत कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।

  • PM KUSUM योजना: किसान बनेंगे ऊर्जा उत्पादक
    प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (PM KUSUM) योजना ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को डीजल और बिजली पर होने वाले खर्च से बचत देने पर केंद्रित है। इस योजना में किसान बिजली उत्पादन कर इसे बिजली कंपनी को बेच भी सकते हैं।
  • कवरेज: बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा कुल 1235 कृषि फीडरों को इस योजना से संबद्ध किया गया है।
  • स्थापना स्थल: इच्छुक किसान विद्युत उपकेन्द्रों के लगभग 5 किलोमीटर के दायरे के अन्दर भूमि उपलब्ध कराकर संयंत्र स्थापित कर सकते हैं।
  • भूमि की आवश्यकता: प्रति मेगावाट सौर संयंत्र के लिए लगभग 04 एकड़ भूमि की जरूरत होती है।
  • बिजली खरीद समझौता: बिजली कंपनी के साथ 25 वर्षों के लिए एकरारनामा (समझौता) निर्धारित है।
    वित्तीय सहायता का प्रावधान (प्रति मेगावाट):
    | स्रोत | वित्तीय सहायता |
    | केंद्र सरकार | ₹1.05 करोड़ |
    | राज्य सरकार | ₹45 लाख |
    किसान इस योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विद्युत कंपनी कार्यालय में संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed