किसान की सालभर की मेहनत स्वाहा: महसु गांव में धधक उठा खलिहान, 15 बीघे का धान राख के ढेर में तब्दील
नवीनगर (औरंगाबाद): एक किसान के लिए खलिहान उसकी तिजोरी होती है, जहाँ वह सालभर की मेहनत सहेज कर रखता है। लेकिन नवीनगर थाना क्षेत्र के चंद्रगढ़ पंचायत अंतर्गत महसु गांव में आज नियति को कुछ और ही मंजूर था। यहाँ मठ की जमीन पर बने खलिहान में अचानक ऐसी भीषण आग लगी कि देखते ही देखते लाखों की फसल ‘सफेद धुएं’ और ‘काली राख’ में बदल गई।
धुएं के गुबार में गुम हुए किसान के सपने

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मठ की करीब 15 बीघा जमीन पर लल्लू साव द्वारा बड़े जतन से खेती की गई थी। फसल काटकर खलिहान में करीब दो हजार धान के बोझे रखे गए थे। उम्मीद थी कि अब घर में अन्न आएगा, लेकिन अचानक उठे धुएं ने खुशियों को मातम में बदल दिया। आग इतनी विकराल थी कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
दमकल की 3 गाड़ियों ने बचाई बड़ी तबाही
आग की लपटें आसमान छू रही थीं। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभाला और दमकल विभाग को सूचना दी। राहत की बात यह रही कि फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों ने मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, वरना आग रिहायशी इलाकों तक पहुँचकर बड़ी जनहानि कर सकती थी। लेकिन तब तक खलिहान में रखा सारा धान जलकर खाक हो चुका था।
लाखों का नुकसान, कारण अब भी ‘रहस्य’
इस आगलगी में लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। आग कैसे लगी? यह अब भी एक अनुत्तरित सवाल है। कोई इसे शॉर्ट सर्किट बता रहा है तो कोई बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी का नतीजा, हालांकि आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
हादसे के बाद किसान के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीड़ित पक्ष ने जिला प्रशासन से अविलंब मुआवजे की मांग की है ताकि बर्बाद हो चुके किसान को संजीवनी मिल सके। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने इलाके के अन्य किसानों को भी दहशत में डाल दिया है।
📍 रिपोर्ट: संदीप कुमार, नवीनगर (औरंगाबाद)