औरंगाबाद: निर्वाचन तैयारियों पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी की राजनीतिक दलों संग महत्वपूर्ण बैठक
औरंगाबाद: समाहरणालय औरंगाबाद की मीडिया कोषांग की रिपोर्ट के अनुसार आज 01 सितंबर 2025 को समाहरणालय के सभा कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्ष एवं सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई ।

निर्वाचक सूची का प्रारूप और दावा-आपत्ति प्रक्रिया
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि निर्वाचक सूची का प्रारूप 01 अगस्त 2025 को प्रकाशित हुआ था। दावा एवं आपत्ति जमा करने की अवधि 01 अगस्त से 01 सितंबर 2025 तक निर्धारित की गई थी। अब तक किसी भी राजनीतिक दल के बीएलए द्वारा बीएलओ को कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई है। सभी दावे और आपत्तियां ऑनलाइन या बीएलओ ऐप के माध्यम से ही दर्ज की जा रही हैं ।

दावे-आपत्तियों का विधानसभावार आंकड़ा
बैठक में यह भी विवरण दिया गया कि 01 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक विभिन्न विधानसभाओं में कुल 44,190 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से प्रपत्र-6 के 34,394, प्रपत्र-7 के 20,347 तथा प्रपत्र-8 के 2,659 आवेदन शामिल हैं। महिला मतदाताओं द्वारा भरे गए प्रपत्र-6 की संख्या 20,347 है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आवेदन संख्या इस प्रकार हैं: गोह-7581, ओबरा-8880, नबीनगर-5794, कुटुम्बा (अजा)-6576, औरंगाबाद-8172 एवं रफीगंज-7187 ।

लिंगानुपात एवं ईपी अनुपात की स्थिति
निर्वाचक सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद जिले में लिंगानुपात 907 से घटकर 881 और ईपी अनुपात 0.59 से घटकर 0.55 हो गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि दावों के निष्पादन के पश्चात यह अनुपात बेहतर होगा एवं छूटे हुए योग्य व्यक्तियों का नाम शतत् अद्यतनीकरण के दौरान भी जोड़ा जाएगा ।
राजनीतिक दलों से सहयोग और अपील
बैठक के अंत में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदान केंद्रवार बीएलए की शीघ्र प्रतिनियुक्ति करें और निर्वाचक सूची को बेहतर बनाने हेतु आयोग के साथ सहयोग करें, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित हो सके ।
यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को सुदृढ़ करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है ।