Aurangabad:विद्युत संरचनाओं की सुरक्षा और चोरी की रोकथाम को लेकर मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक, जिला प्रशासन को सख्त निर्देश
Magadh Express:राज्य में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित, सुचारू और निर्बाध बनाए रखने के लिए बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति उपकरणों की सुरक्षा, विद्युत संरचनाओं की चोरी की रोकथाम और इस दिशा में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय से जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) सहित जिले के तमाम वरीय अधिकारी इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य रूप से शामिल रहे।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
औरंगाबाद से इस समीक्षा बैठक में निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
- जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.)
- उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह
- सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री गौरव सिंह
- दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी श्री अमित राजन
- जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री श्वेतांक लाल
- सिविल सर्जन एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी।

विद्युत चोरी और क्षति के कारण होने वाली परेशानियां
बैठक के दौरान इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई कि कृषि फीडरों, 33 केवी व 11 केवी विद्युत लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मर (DTR), एल.टी. ए.बी. केबल, कंडक्टर और अन्य विद्युत संरचनाओं की चोरी या उन्हें क्षति पहुँचाने से न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि सरकार को भारी राजस्व की हानि भी उठानी पड़ती है। इसके अलावा मरम्मत कार्यों में अतिरिक्त समय और खर्च लगता है, जिसका सीधा और नकारात्मक प्रभाव किसानों तथा आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
राज्य स्तर पर औरंगाबाद जिले की स्थिति और आँकड़े
समीक्षा के दौरान राज्य भर के डरावने आंकड़े सामने आए, वहीं औरंगाबाद जिले की स्थिति पर भी चर्चा की गई:
- राज्य स्तर पर नुकसान: पूरे राज्य में अब तक 1,228 स्थलों पर विद्युत संरचनाओं को क्षति पहुँचाए जाने के मामले सामने आए हैं, जिसके तहत 798 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इस दौरान राज्य में लगभग 42 किमी 33 केवी लाइन, 2,748 किमी 11 केवी लाइन, 1,177 किमी एल.टी. ए.बी. केबल और 1,680 वितरण ट्रांसफार्मर (कॉयल या तेल चोरी के कारण) प्रभावित हुए हैं।
- औरंगाबाद जिले के आंकड़े: प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार औरंगाबाद जिले में अब तक विद्युत संरचना क्षति के 02 स्थल चिन्हित किए गए हैं और दोनों मामलों में 02 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जिले में लगभग 3.70 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन और 2 किलोमीटर एल.टी. ए.बी. केबल इससे प्रभावित हुई है। राहत की बात यह है कि जिले में ट्रांसफार्मर की कॉयल या तेल चोरी की कोई भी घटना दर्ज नहीं की गई है।
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं कि विद्युत चोरी और संपत्तियों की तोड़फोड़ रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएं:
- प्रभावी समन्वय: पुलिस प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए।
- गश्ती और निगरानी: चोरी से प्रभावित क्षेत्रों, कृषि फीडरों और विद्युत उपकेंद्रों के आसपास नियमित गश्ती, सतत निगरानी और विशेष चौकसी बरती जाए।
- कठोर कानूनी कार्रवाई: दर्ज प्राथमिकियों का त्वरित अनुसंधान (Investigation) कराया जाए, अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई हो और संगठित रूप से बिजली के उपकरण चुराने वाले गिरोहों के विरुद्ध सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए।
- संवेदनशील क्षेत्र: सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए।
जिला पदाधिकारी के निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में विद्युत अवसंरचनाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। पुलिस और विद्युत विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि चोरी की किसी भी घटना पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। डीएम ने दोटूक कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त विधिसम्मत कार्रवाई की जाए ताकि जिले के उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलती रहे।
