औरंगाबाद और रफीगंज प्रखंड में चेक डैमों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण, 580 हेक्टेयर कृषि भूमि पर लौटी सिंचाई की सुविधा
Magadh Express :- बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “हर खेत तक सिंचाई का पानी” के तहत औरंगाबाद जिले के रफीगंज एवं औरंगाबाद प्रखंड में कृषि और ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्र के प्रमुख जल संरचनाओं—कोना चेक डैम, कजपा चेक डैम एवं नौगढ़ नाला चेक डैम—का जीर्णोद्धार कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस सौगात से स्थानीय किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ और वित्तीय विवरण
इस जीर्णोद्धार और विकास परियोजना से जुड़े मुख्य आंकड़े निम्नलिखित हैं:
- कुल लागत: लगभग ₹716.562 लाख (7 करोड़ 16 लाख 56 हजार 2 सय रुपये)।
- सिंचित होने वाला क्षेत्रफल: करीब 580 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि।
- सिंचाई विस्तार लक्ष्य: सिंचाई विस्तार क्षमता 306 (योजना के तहत निर्धारित मानक लक्ष्य)।
- प्रमुख लाभान्वित क्षेत्र: औरंगाबाद जिले का रफीगंज प्रखंड, औरंगाबाद प्रखंड तथा इसके अंतर्गत आने वाले कोना, कजपा, नौगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाके।

किसानों को मिलेगा वर्षभर सिंचाई का लाभ
पारंपरिक जल स्रोतों और चेक डैमों के पुनर्जीवित होने से जल संचयन क्षमता में भारी वृद्धि हुई है। इससे किसानों को खेती के लिए निम्नलिखित बड़े लाभ मिलेंगे:
- समय पर पानी की उपलब्धता: किसानों को अब धान, गेहूं और अन्य फसलों की बुवाई के समय पानी के लिए मानसून या निजी पंपसेटों पर अत्यधिक निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
- वर्षभर कृषि गतिविधियाँ: जल संरक्षण बेहतर होने से किसान पूरे वर्ष सुगमता से कृषि कार्य कर सकेंगे, जिससे फसल उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
- आर्थिक सुदृढ़ता: पैदावार बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, जो क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगी।
कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने चेक डैमों के जीर्णोद्धार पर संतोष व्यक्त करते हुए सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया है। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि सूखाग्रस्त या पानी की कमी वाले इलाकों में स्थायी हरित क्रांति की राह भी आसान हो रही है।
