औरंगाबाद में पुलिस अधीक्षक की अपराध समीक्षा बैठक: लंबित कांडों और मद्यनिषेध मामलों पर रही विशेष नजर

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​Magadh Express:औरंगाबाद जिले में विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद द्वारा आज दिनांक 17 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) और पुलिस निरीक्षक (CI) शामिल हुए।

​समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु:

​इस बैठक में जून माह के दौरान जिले में घटित अपराधों की समीक्षा करने के साथ-साथ पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बारीकी से जांच की गई। पुलिस अधीक्षक ने निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़े निर्देश दिए:

  • लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन: विशेष रूप से 300 दिनों से अधिक समय से लंबित कांडों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया। हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में जांच की गति बढ़ाने पर जोर दिया गया।
  • उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम: शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए छापेमारी और बरामदगी के मामलों में दर्ज कांडों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।
  • स्पीडी ट्रायल एवं निष्पादन: चिन्हित गंभीर अपराधों में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को तेज करने को कहा गया। साथ ही, लंबित सम्मन (Summons) और वारंट (Warrants) का शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
  • मई-जून का प्रतिवेदन: बैठक में मई और जून माह के अंतिम प्रपत्रों (Final Reports) की समीक्षा की गई ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।
  • थानावार निगरानी: प्रत्येक थानावार गिरफ्तारियों की संख्या और लंबित मामलों की स्थिति का विश्लेषण किया गया। बेहतर कार्य करने वाले थानों की सराहना की गई, जबकि सुस्त थानों को कार्यप्रणाली में सुधार की चेतावनी दी गई।
  • मालखाना और एफएसएल: मालखाना के भौतिक सत्यापन और लंबित माल को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, एफएसएल (FSL) जांच के लिए लंबित नमूनों को शीघ्र भेजने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने को कहा गया।

​पुलिस अधीक्षक की दो-टूक:

​पुलिस अधीक्षक ने बैठक में स्पष्ट किया कि कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय रहें और आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

​इस बैठक के माध्यम से जिला पुलिस ने अपराध मुक्त और सुरक्षित औरंगाबाद के संकल्प को दोहराया है। बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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