औरंगाबाद: रिश्ते में भतीजी से शादी करने पर आहत पिता ने जीवित बेटे का किया पिंडदान, तोड़े सभी संबंध

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संदीप कुमार

Magadh Express : बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड स्थित टंडवा थाना क्षेत्र में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक द्वारा अपनी ही रिश्ते की भतीजी से शादी रचाने से नाराज पिता ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। समाज और परिवार की मर्यादा को तार-तार होते देख पिता ने अपने जीवित बेटे का पिंडदान कर उससे सभी नाते-रिश्ते हमेशा के लिए खत्म कर लिए हैं।

​जीवित बेटे का पिंडदान, पिता का कठोर फैसला

​घटना के अनुसार, जब परिवार को पता चला कि उनके बेटे ने रिश्ते में भतीजी के साथ विवाह कर लिया है, तो पिता का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने इसे सामाजिक प्रतिष्ठा पर गहरा आघात मानते हुए गांव की नदी में अपने जीवित बेटे का पिंडदान कर दिया। पिता ने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी कि उनके लिए उनका बेटा अब मृत समान है और भविष्य में उनका उससे कोई सरोकार नहीं रहेगा। इस कठोर कदम के साथ ही उन्होंने अपने बेटे से हर तरह के पारिवारिक संबंध विच्छेद कर लिए हैं।

​परिवार का आरोप: प्रेम-प्रसंग और दबाव में शादी

​वहीं, युवक की मां और मामा ने इस पूरे प्रकरण में गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, युवती का उनके घर आना-जाना था, जिस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। परिवार का दावा है कि जब युवती नाबालिग थी, तभी वह घर छोड़कर चली गई थी। बाद में युवती के बालिग होने पर लड़की पक्ष द्वारा दोनों की शादी संपन्न कराई गई।

​युवक के मामा ने आरोप लगाया कि परिवार की मर्जी के खिलाफ युवक के साथ मारपीट की गई और दबाव बनाकर यह विवाह कराया गया है। साथ ही, स्टांप पेपर पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।

​पुलिस और कानून की स्थिति

​इस मामले में न्याय पाने के लिए परिजनों ने पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि इससे पूर्व स्थानीय थाने में भी शिकायत की गई थी, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

​दूसरी ओर, इस मामले पर पुलिस का पक्ष स्पष्ट है। टंडवा थाना प्रशासन का कहना है कि युवक और युवती दोनों बालिग (वयस्क) हैं। कानून के अनुसार, देश में किसी भी बालिग व्यक्ति को अपनी इच्छा से विवाह करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और फर्जी दस्तावेजों के आरोपों की पुलिस गहन जांच कर रही है। पुलिस का आश्वासन है कि तथ्यों की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

​इलाके में चर्चा का विषय

​यह घटना फिलहाल पूरे औरंगाबाद जिले और विशेषकर नवीनगर प्रखंड में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों के बीच छिड़ी इस बहस पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक तरफ जहां कानून का शासन सर्वोपरि है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने सामाजिक संस्कारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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