अमरनाथ यात्रा 2026: औरंगाबाद से 12 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, अरविंद तिवारी लगातार 13वीं बार करेंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

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Magadh Express:-श्री अमरनाथ बर्फ़ानी बाबा की वार्षिक तीर्थयात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई से हो रही है, जो 28 अगस्त तक चलेगी। इस आध्यात्मिक यात्रा के लिए देशभर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड अंतर्गत एरकी गांव के निवासी अरविंद कुमार तिवारी के नेतृत्व में 12 श्रद्धालुओं का एक जत्था 3 जुलाई को बाबा के दर्शन के लिए रवाना होगा। इस वर्ष की यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक और रोमांचक होने वाली है।

लगातार 13वीं बार बाबा की शरण में अरविंद

​एरकी, देव निवासी अरविंद कुमार तिवारी इस वर्ष लगातार 13वीं बार अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं। उनके साथ यात्रा पर जाने वाले अन्य श्रद्धालुओं में भी गजब का उत्साह है। अरविंद तिवारी का कहना है कि बाबा की इस दिव्य यात्रा की अनुभूति को शब्दों में बयां करना असंभव है। वे और उनके साथी साल भर इस यात्रा का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और तिथि की घोषणा होते ही पूरी निष्ठा के साथ तैयारियों में जुट जाते हैं।

यात्रा में शामिल प्रमुख श्रद्धालु:

इस जत्थे में अरविंद तिवारी (13वीं बार), पटना निवासी अनमोल गुलशन कुमार (7वीं बार), चन्द्रभषण तिवारी (4थी बार), सामवेद प्रकाश वर्मा (4थी बार), दिलीप कुमार (4थी बार), बिनोद मंडल (4थी बार), गया निवासी जयंकर सत्यप्रकाश (6ठी बार), दीपशिखा (2री बार), प्रद्युमन कुमार सिंह (2री बार), संतोष श्रीवास्तव (2री बार), उत्तम कुमार (2री बार) और दीपक कुमार (2री बार) शामिल हैं। इन सभी श्रद्धालुओं ने दो महीने पहले ही मेडिकल जांच और यात्रा पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।

वंदे भारत और चिनाब ब्रिज का रोमांच

​इस वर्ष का सफर और भी यादगार होने वाला है। सभी श्रद्धालु दिल्ली से जम्मू तक का सफर ‘वंदे भारत’ ट्रेन से तय करेंगे। इसके बाद जम्मू से श्रीनगर के लिए वे पहली बार रेल यात्रा करेंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि आजादी के बाद पहली बार शुरू हुए इस रूट पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ‘चिनाब ब्रिज’ और दर्जनों लंबी सुरंगों को देखने का अवसर मिलना उनके लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं है। दर्शन के पश्चात सभी श्रद्धालु हवाई मार्ग से वाराणसी लौटेंगे।

अभेद सुरक्षा के बीच होगी यात्रा

​गृह मंत्रालय ने इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए अभेद सुरक्षा व्यवस्था की है। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए आतंकियों से सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं। रक्षा मंत्री और गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 670 कंपनियों की CAPF तैनाती का निर्देश दिया गया है।

​यात्रा के मुख्य पड़ावों पहलगाम (अनंतनाग) और बालटाल (गांदरबल) से लेकर जम्मू-श्रीनगर हाईवे तक चप्पे-चप्पे पर सेना के विभिन्न यूनिट, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, कमांडो और एनएसजी तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा के पुख्ता घेरे में एयरफोर्स और आधुनिक ड्रोन के जरिए 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न हो सके।

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