Aurangabad :नवीनगर: आजादी के 78 वर्षों बाद भी पक्की सड़क को तरस रहे साया गांव के लोग, बदहाली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
संवाददाता: संदीप कुमार
Magadh Express:एक तरफ जहां सरकार हर गांव को मुख्य धारा और पक्की सड़कों से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड में आज भी कई ग्रामीण इलाकों के लोग मूलभूत सड़क सुविधा के लिए तरस रहे हैं। नवीनगर प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र के वार्ड संख्या-13 स्थित साया गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद इस तीन किलोमीटर लंबे मार्ग का पक्कीकरण न होना प्रशासनिक और राजनीतिक उदासीनता की जीती-जागती मिसाल है।
तीन किलोमीटर का सफर, गड्ढों और कीचड़ का दलदल
नवीनगर प्रखंड कार्यालय से वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय होते हुए नगर पंचायत के वार्ड संख्या-13 स्थित साया गांव तक जाने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी यह सड़क वर्षों से कच्ची और जर्जर पड़ी हुई है। वर्तमान में इस मार्ग की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि यह अब पैदल चलने लायक भी नहीं रह गया है।
सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का परिचालन बेहद खतरनाक और कठिन हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मानसून और बरसात के दिनों में तो यहां की स्थिति भयावह हो जाती है। पूरी सड़क कीचड़ और जलजमाव के कारण तालाब का रूप ले लेती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो जाता है।
छात्र-छात्राओं और दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग
यह सड़क केवल साया गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के आवागमन का मुख्य जरिया है। सबसे ज्यादा परेशानी शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ती है। इसी जर्जर रास्ते से होकर प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय पढ़ने आते-जाते हैं। उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरे रास्तों के कारण कई बार विद्यार्थी समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते और दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते हैं। इसके अलावा, रात के समय सड़क पर स्ट्रीट लाइट या प्रकाश की कोई व्यवस्था न होने के कारण यह मार्ग हादसों का हॉटस्पॉट बन चुका है।

ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
“हम लोगों ने सड़क निर्माण के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई और लिखित आवेदन दिए। लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले, धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ।”
— साया गांव के आक्रोशित ग्रामीणसड़क की दुर्दशा से नाराज साया गांव के ग्रामीण सीताराम सिंह, रामस्वरूप सिंह, कृष्णा सिंह, बैकुंठ सिंह, अर्जुन सिंह, व्यास सिंह, मदन सिंह, पिंटू सिंह, राजू सिंह, सतेन्द्र सिंह, अशोक सिंह एवं विकास कुमार सिंह समेत दर्जनों लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
जाम की समस्या से मिल सकती है बड़ी राहत
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि यदि इस तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करा दिया जाए, तो यह नवीनगर शहर के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक मार्ग (बायपास) साबित होगी। इससे मुख्य बाजार और शहर में लगने वाले रोजाना के भारी जाम से लोगों को काफी हद तक स्थाई मुक्ति मिल सकती है।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
- कच्चे मार्ग का अविलंब पक्कीकरण (पिचिंग या पीसीसी निर्माण) कराया जाए।
- सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए पक्के नाले का निर्माण हो।
- रात्रि सुरक्षा के मद्देनजर सड़क किनारे प्रकाश (स्ट्ररीट लाइट) की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या पर जल्द ही कोई सकारात्मक पहल और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामीण उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
