Aurangabad:नवीनगर: समर कैंप को लेकर शिक्षा सेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण संपन्न, बच्चों की बेसलाइन एंट्री भी हुई पूरी
संवाददाता: संदीप कुमार
Magadh Express:औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) में शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकज कर्मियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड में चल रहे समर कैंप के सफल संचालन की समीक्षा करना और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करना था। बैठक के दौरान प्रखंड के सभी शिक्षा सेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित किया गया, साथ ही कैंप में शामिल बच्चों की बेसलाइन रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री भी सफलतापूर्वक पूरी की गई।
कमजोर बच्चों की भाषा और गणित सुधारने पर जोर
बैठक में उपस्थित प्रखंड मुख्य साधन प्रसेवी (KRP) राजकुमारी ने बताया कि शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में समर कैंप अभियान को बेहद प्रभावी और योजनाबद्ध ढंग से संचालित किया जा रहा है।
अभियान के मुख्य बिंदु:
- लक्षित समूह: कक्षा 5 और 6 के उन बच्चों को इस कैंप में शामिल किया गया है जो पढ़ाई में थोड़े कमजोर हैं।
- दक्षता मूल्यांकन: इन बच्चों की भाषा (हिंदी) और गणित विषय में वर्तमान स्थिति को जांचने के लिए एक बेसलाइन तैयार की गई है, जिसे अब ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है।
- वोलेंटियर पंजीकरण: समर कैंप के सुचारू संचालन के लिए चिन्हित शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज कर्मियों को वोलेंटियर के रूप में ऑनलाइन पंजीकृत किया गया है।
केआरपी राजकुमारी ने स्पष्ट किया कि प्रखंड क्षेत्र में चल रहे सभी समर कैंप केंद्रों की दैनिक स्तर पर मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और इस अभियान का मूल उद्देश्य सफल हो।

गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने की सलाह
“बच्चों को रटाने के बजाय व्यावहारिक और खेल-कूद (गतिविधि आधारित) के माध्यम से सिखाएं। इससे बच्चे कठिन से कठिन विषयों को भी आसानी से समझ सकेंगे।”
— डोली कुमारी, प्रथम संस्था (बारुण प्रखंड)बैठक में विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित ‘प्रथम संस्था’ की बारुण प्रखंड प्रतिनिधि डोली कुमारी ने समर कैंप के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा सेवकों को प्रशिक्षित करते हुए बताया कि किस प्रकार सरल और मनोरंजक तरीकों से बच्चों की भाषा और गणित की समझ को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों के साथ दोस्ताना और व्यावहारिक रवैया अपनाने पर विशेष जोर दिया।
1 से 30 जून तक चल रहा है विशेष अभियान
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा ‘प्रथम संस्था’ के तकनीकी सहयोग से पूरे राज्य में 1 जून से 30 जून 2026 तक इस विशेष समर कैंप अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस एक महीने के कैंप का मुख्य लक्ष्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कक्षा 5 और 6 के बच्चों के बुनियादी लर्निंग लेवल (सीखने के स्तर) को सुधारना और उन्हें आगामी सत्र के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इसी कड़ी में विभिन्न विद्यालयों और सामुदायिक केंद्रों पर नियमित रूप से समर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
