औरंगाबाद : मदनपुर और ओबरा में 1 जुलाई से शुरू होंगे नए डिग्री कॉलेज, मुख्य सचिव की समीक्षा के बाद डीएम अभिलाषा शर्मा ने दिए मिशन मोड में तैयारी के निर्देश
Magadh Express:बिहार सरकार की उच्च शिक्षा को ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आगामी 1 जुलाई 2026 से राज्य के 211 नए स्वीकृत डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं। इसी कड़ी में औरंगाबाद जिले के मदनपुर और ओबरा प्रखंड को भी नए डिग्री कॉलेज की सौगात मिली है।
मंगलवार को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों (डीएम) एवं प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ इन कॉलेजों के संचालन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के बाद औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा के भीतर ‘मिशन मोड’ में पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया है।
औरंगाबाद के इन दो उच्च माध्यमिक विद्यालयों का हुआ चयन
समीक्षा बैठक में बताया गया कि औरंगाबाद जिले के अंतर्गत दो प्रमुख संस्थानों को डिग्री कॉलेज के रूप में संचालित करने के लिए चिन्हित किया गया है:मदनपुर प्रखंड: उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीरवां,ओबरा प्रखंड: उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, करसावा।
दोनों चयनित विद्यालयों में आगामी 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र हर हाल में शुरू करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव की सख्त समय-सीमा (Time-Line)
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण समय-सीमा निर्धारित की है:
- 05 जून 2026 तक: जिला पदाधिकारी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों (HM) एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मूलभूत आवश्यकताओं का अंतिम आकलन (Assessment) पूरा करेंगे।
- क्रय समिति का गठन: आवश्यकताओं के आकलन के बाद अपर समाहर्ता (अपर कलेक्टर) स्तर पर एक विशेष क्रय समिति (Purchasing Committee) बनाई जाएगी, जिसमें दोनों स्कूलों के एचएम भी सदस्य होंगे।
- 08 जून 2026 तक: आवश्यक सामग्रियों, फर्नीचर और अन्य संसाधनों की खरीद के लिए निविदा (टेंडर) की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी।
- 15 से 18 जून 2026 तक: 15 जून तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और 18 जून तक सभी आवश्यक सामग्रियां कॉलेज परिसर में उपलब्ध करा दी जाएंगी।
मूलभूत सुविधाएं और छात्राओं की सुरक्षा होगी प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्र शुरू होने से पहले कॉलेजों में बिजली आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त व सुसज्जित कक्षाएं, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक (अलग) शौचालय, कॉमन रूम, फर्नीचर, कार्यालय कक्ष और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा, परिसरों में विधि-व्यवस्था और छात्र-छात्राओं (विशेषकर छात्राओं) की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए प्रत्येक कॉलेज का स्थानीय थाने से समन्वय स्थापित कराया जाएगा और आवश्यकतानुसार चौकीदार व सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

स्थायी भवन के लिए जून में ही चिन्हित होगी 5 एकड़ भूमि
डिग्री कॉलेजों के स्थायी रूप से संचालन के लिए दूरगामी कदम भी उठाए गए हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जून माह के भीतर ही प्रत्येक डिग्री कॉलेज के लिए न्यूनतम 5 एकड़ भूमि का चिन्हांकन सुनिश्चित कर लिया जाए। इसके बाद 31 जुलाई 2026 तक संबंधित भूमि का प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया जाएगा।
1 जुलाई को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा उद्घाटन
आगामी 1 जुलाई 2026 को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और शिक्षा जगत से जुड़े प्रबुद्ध व गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति और सहभागिता के साथ इन कॉलेजों का भव्य उद्घाटन किया जाएगा और उसी दिन से शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ होगा।

डीएम अभिलाषा शर्मा ने दिए अक्षरशः अनुपालन के निर्देश
इस महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औरंगाबाद समाहरलालय से जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती अनन्या सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सहित अन्य संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
वीसी की समाप्ति के तुरंत बाद जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय समन्वय के साथ नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि 1 जुलाई से दोनों प्रस्तावित डिग्री कॉलेजों में बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पढ़ाई शुरू कराई जा सके।
