औरंगाबाद में बकरीद को लेकर हाई-लेवल मीटिंग: सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, अफवाह फैलाई या सौहार्द बिगाड़ा तो होगी जेल
Magadh Express:आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्योहार को शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आज समाहरणालय स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमरीश राहुल की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पर्व के दौरान जिले की विधि-व्यवस्था, सुरक्षा उपायों, संवेदनशील इलाकों और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि इस वर्ष बकरीद का पर्व 28 मई से 30 मई के बीच मनाया जाएगा।

उपद्रवियों और अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने बैठक में स्पष्ट किया कि औरंगाबाद जिले का इतिहास हमेशा से शांतिपूर्ण त्योहार मनाने का रहा है और इस परंपरा को हर हाल में कायम रखा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा:
- कड़ी निगरानी: साम्प्रदायिक, असामाजिक और उपद्रवी तत्वों की गतिविधियों पर पुलिस और प्रशासन चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेगा।
- सोशल मीडिया पर पहरा: फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश पोस्ट करने वालों पर आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

इन संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उन कारणों और परिस्थितियों को रेखांकित किया जिससे सामाजिक तनाव पैदा होने की आशंका रहती है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को पहले से मुस्तैद रहने को कहा:
- पुराने विवाद: जिन क्षेत्रों में पूर्व में कभी साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
- धार्मिक संवेदनशीलता: पशुओं की कुर्बानी या उनके खुले परिवहन से किसी भी समुदाय की धार्मिक भावना आहत न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
- विवादास्पद स्थल: सार्वजनिक या विवादास्पद स्थलों पर नमाज, नमाज स्थलों पर आपत्तिजनक पशुओं के प्रवेश और धार्मिक स्थलों के पास ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के अनियंत्रित उपयोग को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर रहेगा।

स्वच्छता पर विशेष जोर: जेसीबी से खोदे जाएंगे 5-6 फीट गहरे गड्ढे
बकरीद के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष गाइडलाइन जारी की है।
- सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कुर्बानी स्थलों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट (वेस्ट) के निष्पादन के लिए जेसीबी मशीन से 5 से 6 फीट गहरे गड्ढे खोदे जाएंगे, ताकि कचरे को समुचित रूप से दफन किया जा सके और गंदगी या बीमारी न फैले।

पंचायत स्तर तक फोर्स तैनात, इन अफसरों की रही मौजूदगी
जिले के सभी मस्जिदों, मंदिरों, इमामबाड़ों और संवेदनशील स्थलों पर पंचायत स्तर तक पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखा और महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित:
इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर समाहर्ता श्री अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) श्री उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला परिवहन पदाधिकारी सुश्री सुनंदा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती बेबी प्रिया सहित जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक, अंचलाधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), थाना अध्यक्ष और शांति समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।
