खगड़िया: स्वतंत्रता सेनानी के घर की राह रोक रहे अतिक्रमणकारी, क्या ‘धोबिया खड्डा’ के वजूद को निगल जाएंगे बिचौलिये?
खगड़िया: बिहार सरकार का निर्देश स्पष्ट है— ‘सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाओ’। लेकिन खगड़िया नगर परिषद के वार्ड नंबर 38 (संसारपुर) में सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ न केवल एक ऐतिहासिक महत्व वाली सड़क को गायब कर दिया गया है, बल्कि 5 बीघे में फैले सरकारी पोखर ‘धोबिया खड्डा’ पर भी भू-माफियाओं और बिचौलियों ने अपना ‘साम्राज्य’ खड़ा कर लिया है।
क्रांतिकारी के सम्मान पर चोट: नक्शे से गायब हुई सड़क
हैरानी की बात यह है कि जिस सड़क को अतिक्रमित किया गया है, वह स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ब्रह्मदेव चौधरी के घर की ओर जाती है। उम्रकैद की सजा काटने वाले उस महान क्रांतिकारी की विरासत आज ‘गोबर के अंबार’ और अवैध कब्जों के नीचे दब गई है। यह सड़क कभी संसारपुर को हरदा चौक से जोड़ती थी, जिससे बाजार की दूरी कम होती थी। आज स्थिति यह है कि नक्शे पर सड़क तो है, लेकिन जमीन पर बिचौलियों का कब्जा।

5 बीघे का ‘पोखर’ बना बिचौलियों की जागीर
सड़क के दक्षिण में स्थित ‘धोबिया खड्डा’ नाम का विशाल सरकारी पोखर (करीब 4-5 बीघा) आज बाहुबलियों के चंगुल में है।
- क्या हो रहा है खेल: बिचौलियों ने यहाँ बांस के पेड़ लगा दिए हैं और इसे निजी कारोबार का अड्डा बना लिया है।
- दहशत का माहौल: आसपास के गरीब ग्रामीण इन दबंगों के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। 20 वर्षों से चल रहा यह अवैध खेल अब सरकारी तंत्र की चुप्पी पर सवाल उठा रहा है।

जिलाधिकारी को दोबारा गुहार: क्या अब होगा एक्शन?
सजग नागरिक और जागरूक समाजसेवी ने एक बार फिर खगड़िया जिला पदाधिकारी (DM) को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। इससे पहले 19-12-2025 को भी जनता दरबार (आवेदन क्रमांक 57) में मामला उठाया गया था, लेकिन नगर परिषद कार्यालय और जिला प्रशासन की सुस्ती ने अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद कर रखे हैं।

DM का आश्वासन: जांच के बाद बनेगा विवाह भवन या पार्क!

ताजा आवेदन पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने विशेष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सड़क और पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहाँ विवाह भवन, पार्क या सरकारी भवन का निर्माण कराया जा सकता है।
सीधा सवाल: क्या खगड़िया प्रशासन एक स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान और करोड़ों की सरकारी संपत्ति को इन बिचौलियों से आजाद करा पाएगा? क्या कागजी आश्वासन जमीनी हकीकत बनेगा?