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टीईटी उत्तीर्ण अभ्यार्थी सरकार के कर रहे हैं शिक्षक बहाली की मांग

मगध एक्सप्रेस [ 13 जनवरी 19 ];-युवा दिवस के अवसर पर टेट, सीटेट उत्तीर्ण शिक्षक बहाली मोर्चा की बैठक बिहार प्रदेश के सभी 38 जिलों में संपन्न हुई। जिसमें हजारों टेट, सीटेट पास बेरोजगार अभ्यर्थियों ने सरकार के शिक्षक बहाली के प्रति नकारात्मक रवैया की कड़ी आलोचना की.मोर्चा के बैनर तले जिला इकाई की बैठक बिहार टीईटी सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षक बहाली मोर्चा के बैनर तले जिला के सैकड़ों की संख्या में उत्तीर्ण अभ्यर्थी समाहरणालय के समक्ष राष्ट्रीय युवा दिवस पर धरना पर बैठे रहे। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार सरकार उनकी बहाली नहीं कर रही है । सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रशिक्षित अभ्यार्थी एनसीईटी द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों को पूरा करते हैं। सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। दरअसल, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के दो लाख से अधिक पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं । जबकि टीईटी उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की संख्या पूरे राज्य में महज पचास हजार होगी, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार प्रारंभिक विद्यालयों में छात्र शिक्षक अनुपात 30. 1 होनी चाहिए जो वर्तमान में 63. 1 है। राज्य सरकारे 10% से अधिक रिक्तियां नहीं रख सकती है।

मोर्चा का प्रदेश संयोजक इंद्रजीत कुमार ने बताया कि शिक्षक बहाली के मुद्दा पर बिहार सरकार बार-बार नियोजित शिक्षकों के सुप्रीम कोर्ट में 1 साल से लंबित मामले की फैसला आने के बाद बहाली करने की बात करती है। ऐसे में बहाली में देरी होने से हजारों टीईटी अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जबकि उम्र सीमा एवं प्रमाण पत्र की वैधता समाप्ति के कगार पर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का सरकार पालन नहीं कर रही है। राज्य में हजारों विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। वैसे विद्यालयों में पठन-पाठन के क्रियाकलाप कैसे संभव है”? ऐसे में इन विद्यालयों में पढ़ रहे राज्य के गरीब किसान पिछड़े एवं वंचित वर्ग के बच्चे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षक बहाली की मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में धरना प्रदर्शन कर रहे, टीईटी व सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सरकार पर तंज कसते हुए ,कहा कि सरकार की नीति शिक्षा विरोधी है। यदि शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जनवरी माह में नहीं आता है । तो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आंदोलन और तेज किया जाएगा। तथा लोकसभा चुनाव में नोटा एक विकल्प बनेगा । मौके पर जिला संयोजक सह कोषाध्यक्ष अभिनव कुमार ,उपाध्यक्ष राजीव रंजन, जिला कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, महासचिव चंदन कुमार ,जिला प्रभारी ओमप्रकाश सिंह, जिला सचिव शैलेंद्र कुमार, जिला प्रवक्ता रामप्रवेश कुमार, मीडिया प्रभारी मनोज कुमार एवं अन्य शिक्षक मौजूद थे

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