Aurangabad :डीएम ने द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के मामलों की सुनवाई की, समयबद्ध निष्पादन का दिया निर्देश
Magadh Express:आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। इसी क्रम में 20 अगस्त 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिलाधिकारी, औरंगाबाद श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार की निर्धारित कॉज लिस्ट में शामिल विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान उपस्थित परिवादियों की शिकायतों को जिलाधिकारी ने विस्तारपूर्वक सुना। संबंधित विभागों एवं लोक प्राधिकारों की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदनों का भी परीक्षण किया गया। मामलों की प्रकृति एवं उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिकायतों के निष्पक्ष एवं तथ्याधारित जांच के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक परिवाद की निष्पक्ष एवं तथ्याधारित जांच करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निपटारे में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय मामले के वास्तविक तथ्यों की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को प्रशासनिक स्तर पर त्वरित राहत मिल सके।

अतिक्रमण से लेकर जमीन विवाद तक कई मामलों की सुनवाई
द्वितीय अपीलीय प्राधिकार की सुनवाई के दौरान विभिन्न लोकहित एवं व्यक्तिगत शिकायतों से जुड़े मामलों पर विचार किया गया। इनमें श्रीनिवास द्वारा दाउदनगर में सड़क के दोनों तरफ नाला पर से अतिक्रमण हटाने से संबंधित परिवाद शामिल था।इसी प्रकार रामनारायण शर्मा एवं अरुण शर्मा द्वारा निजी रैयती भूमि से विद्युत तार एवं पोल हटाने, दीपक प्रसाद गुप्ता द्वारा तीन मुहाने रास्ते से अतिक्रमण हटाने तथा अमरजीत गोस्वामी एवं दिलीप कुमार गोस्वामी द्वारा श्मशान घाट में रास्ता निर्माण के विरुद्ध दायर शिकायतों की भी सुनवाई की गई।इसके अलावा जुगेश कुमार द्वारा अवैध जमीन की खरीद-बिक्री के विरुद्ध, शैलेंद्र कुमार सिंह द्वारा सड़क निर्माण के लिए जबरन रैयती भूमि में मिट्टी भरवाने तथा मुखदेव सिंह द्वारा जमाबंदी में छेड़छाड़ से संबंधित परिवादों पर भी सुनवाई हुई।
समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के प्रभावी समाधान से न केवल परिवादियों को त्वरित राहत मिलेगी, बल्कि लोक शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी और मजबूत होगा।
जिला प्रशासन की ओर से लोक शिकायतों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और उन्हें समयबद्ध प्रशासनिक न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
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