Aurangabad:फॉर्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर बीडीओ और कार्यपालक पदाधिकारी में भिड़ंत, हाथापाई की नौबत

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विशेष संवाददाता, औरंगाबाद

Magadh Express:-बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को प्रशासनिक मर्यादा तार-तार हो गई। फॉर्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) कार्य की धीमी प्रगति को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों अधिकारियों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।

​जिलाधिकारी की फटकार के बाद भड़का विवाद

​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी (DM) फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा कर रहे थे। कार्य की गति धीमी होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए नवीनगर बीडीओ अरुण सिंह को कड़ी फटकार लगाई।

​अपनी सफाई में बीडीओ अरुण सिंह ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है, जिसके कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसानों का डेटा अपलोड करने का काम पिछड़ रहा है। बीडीओ के इस बयान के बाद जिलाधिकारी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) किशोर भारती को भी कड़ी डांट पिलाई।

​बैठक के बाद आमने-सामने हुए अधिकारी

​समीक्षा बैठक खत्म होने के बाद दोनों अधिकारी प्रखंड मुख्यालय में ही आमने-सामने आ गए। सहयोग न मिलने के आरोप से नाराज कार्यपालक पदाधिकारी और बीडीओ के बीच बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस देखते ही देखते इतनी उग्र हो गई कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ हाथापाई की स्थिति बन गई। वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों अधिकारियों को अलग किया।

​अपर समाहर्ता ने कराया मामला शांत

​प्रशासनिक गलियारे में इस हाई-प्रोफाइल विवाद की सूचना मिलते ही औरंगाबाद के अपर समाहर्ता (ADM) उपेन्द्र पंडित तुरंत नवीनगर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने दोनों अधिकारियों को अलग-अलग बुलाकर पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अपर समाहर्ता की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद ही दोनों अधिकारियों के बीच का विवाद शांत हो सका।

क्या है फॉर्मर रजिस्ट्री योजना?

राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सभी किसानों का डेटा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं और अनुदान का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचाना है। सरकार ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

​आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

​इस संवेदनशील मामले को लेकर जब बीडीओ अरुण सिंह और कार्यपालक पदाधिकारी किशोर भारती से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों में से किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। फिलहाल जिला प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, लेकिन दो जिम्मेदार अधिकारियों के बीच सरेराह हुई इस भिड़ंत की चर्चा पूरे प्रशासनिक अमले में जोरों पर है।

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