Aurangabad: आर्म्स एक्ट के मामले में 6 अभियुक्तों को सजा, कोर्ट ने सुनाई 2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा
Magadh Express: औरंगाबाद पुलिस की प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। SDJM न्यायालय दाऊदनगर के न्यायाधीश श्री विकास कुमार ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए छह अभियुक्तों को दोषी करार दिया और उन्हें सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 31 जनवरी 2025 का है। गुप्त सूचना के आधार पर दाऊदनगर थाना पुलिस ने NH-139 के समीप ग्राम मुरीलामाबाद स्थित एक निजी भवन में छापेमारी की थी। वहां तेज आवाज में गाना बजाकर पार्टी करने के दौरान पुलिस ने 01 देशी कट्टा, 01 देशी पिस्टल और 01 जिंदा कारतूस के साथ छह युवकों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में दाऊदनगर थाना कांड संख्या-73/25 दर्ज की गई थी।
पुलिस की वैज्ञानिक जांच और प्रभावी पैरवी
औरंगाबाद पुलिस ने इस मामले में तकनीकी अनुसंधान, ह्यूमन इंटेलिजेंस और FSL टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी श्री विनय कुमार ने सफल संचालन किया। पुलिस द्वारा समय पर समर्पित आरोप पत्र और आयुध निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने त्वरित सुनवाई की।
इन अभियुक्तों को मिली सजा
न्यायालय ने तरारी थाना, दाऊदनगर निवासी निम्नलिखित छह अभियुक्तों को दोषी पाया:
- शहनवाज आलम (पिता- जिमाली खाँ)
- सुजित कुमार उर्फ आदित्य प्रताप (पिता- दिलीप सिंह)
- तौकिर अहमद (पिता- तैयब खाँ)
- मो. सलाम खाँ (पिता- उस्मान खाँ)
- संजय कुमार (पिता- शिव सिंह)
- साबीर खाँ (पिता- युनुस खाँ)
सुनाई गई सजा का विवरण
- धारा 25(1-बी)ए आर्म्स एक्ट: सभी अभियुक्तों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000-2000 रुपये का अर्थदंड।
- धारा 26 आर्म्स एक्ट: सभी को 06-06 माह का सश्रम कारावास। न्यायालय के आदेशानुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
पुलिस की बड़ी उपलब्धि
औरंगाबाद पुलिस द्वारा आम नागरिकों को न्याय दिलाने और अपराधियों में कानून का भय पैदा करने की दिशा में इसे एक सफल प्रयास माना जा रहा है। त्वरित सजा दिलाने से पुलिस के अनुसंधान और अभियोजन की कार्यक्षमता पर जनता का विश्वास बढ़ा है।