औरंगाबाद: पंचायतों में लगेंगे ‘सहयोग शिविर’, समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन की बड़ी पहल
Magadh Express:आम नागरिकों की शिकायतों के सुलभ और प्रभावी निष्पादन के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन ने एक विशेष पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) के निर्देशानुसार जिले की विभिन्न पंचायतों में आगामी 19 मई, 02 जून, 16 जून और 07 जुलाई 2026 को “सहयोग शिविर” का आयोजन किया जाएगा।
प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान
शिविर की सफलता के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ई-रिक्शा और टेम्पो के माध्यम से गांव-गांव में माइकिंग कराई जा रही है। प्रशासन ने अपील की है कि नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन पंचायत सरकार भवन में समय से पहले जमा कर दें, ताकि शिविर के दिन ही उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

शिविर का उद्देश्य और व्यवस्था
- त्वरित निष्पादन: प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे।
- पूर्व आवेदन: शिविर से 30 दिन पहले ही आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है ताकि उनकी प्रारंभिक जांच पहले ही पूरी कर ली जाए।
- निगरानी: डीएम ने प्रत्येक शिविर के लिए वरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और प्रखंड स्तर के अधिकारियों (BDO/CO/BPRO) को जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रमुख पंचायतों में शिविरों की रूपरेखा
- 19 मई 2026: नवीनगर के रामपुर व टण्डवा, देव के हसौली, मदनपुर के सलैया, दाउदनगर के तरारी और रफीगंज के चेंव व मेटनिया सहित कई अन्य पंचायतों में शिविर लगेगा।
- 02 जून 2026: बारूण के पिपरा, औरंगाबाद के पड़रावाँ, कुटुंबा के भरौंधा, गोह के हथियारा और हसपुरा के पीरु सहित दर्जनों पंचायतों में आयोजन होगा।
- 16 जून 2026: देव के बसडीहा, मदनपुर के दधपी, नवीनगर के राजपुर व सोनौरा और ओबरा के ऊब व चंदा पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- 07 जुलाई 2026: कुटुंबा के अम्बा, औरंगाबाद के इब्राहिमपुर, नवीनगर के मझियावाँ और दाउदनगर के संसा सहित अन्य पंचायतों में लोग लाभ उठा सकेंगे।
जिला प्रशासन की अपील
जिला पदाधिकारी ने कहा कि “सहयोग शिविर” का मुख्य लक्ष्य प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। इससे न केवल समस्याओं का पारदर्शी समाधान होगा, बल्कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर का आयोजन पूरी तरह परिणामोन्मुखी होना चाहिए।