औरंगाबाद: डीएम ने सुनीं जनता की शिकायतें, भूमि विवाद और मुआवजे से जुड़े मामलों पर दिए कड़े निर्देश
Magadh Express:औरंगाबाद जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) ने गुरुवार को बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार की सुनवाई की। समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कॉज लिस्ट के अनुसार दर्जनों मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए।

प्रमुख शिकायतों पर हुई सुनवाई
सुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए परिवादियों ने अपनी समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं। मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों पर सुनवाई की गई:
- भूमि अधिग्रहण व मुआवजा: अशोक यादव ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने की शिकायत की। वहीं, शैलेन्द्र कुमार सिंह ने रैयती भूमि पर बिना अधिग्रहण जबरन सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया।
- अतिक्रमण और अवैध कब्जा: प्रवीण कुमार और शिवगहन सिंह यादव ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की, जबकि कुन्दन कुमार चन्द्रवंशी ने रैयती भूमि से अवैध कब्जा हटाने हेतु गुहार लगाई।
- राजस्व एवं अन्य मामले: शीला देवी ने अंचल अधिकारी द्वारा दाखिल-खारिज (Mutation) आवेदन अस्वीकृत करने का मामला रखा। इसके अलावा निजी भूमि में नाली-सड़क निर्माण और भू-अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध कराने जैसे मामलों पर भी सुनवाई हुई।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित लोक प्राधिकारों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले की नियमानुसार जांच कर समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। डीएम ने स्पष्ट कहा कि की गई कार्रवाई से परिवादियों को तत्काल अवगत कराया जाए।
पारदर्शिता और त्वरित न्याय पर जोर
डीएम अभिलाषा शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि शिकायतों का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि आम नागरिकों को न्याय दिलाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता आम जन को त्वरित राहत प्रदान करना है।