Aurangabad :नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन: पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह
Magadh Express:औरंगाबाद लोकसभा के पूर्व सांसद और भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एवं परिसीमन संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” दिन करार देते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।
विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा हुआ उजागर
पूर्व सांसद ने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों (इंडी गठबंधन) पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने न केवल इस ऐतिहासिक बिल को रोका, बल्कि सदन में इसका मज़ाक उड़ाकर नारी शक्ति का घोर अपमान किया है। सिंह ने कहा, “महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले बिल का विरोध करना और सदन में जश्न मनाना यह दर्शाता है कि विपक्ष की राजनीति महिलाओं के प्रति कितनी संकीर्ण है।”

सदन में ‘अंतरात्मा की आवाज’ को किया अनसुना
सुशील कुमार सिंह ने बताया कि संसद के विशेष सत्र के दौरान एनडीए सरकार द्वारा 131वाँ संविधान संशोधन विधेयक लाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनने की अपील की थी। उन्होंने कहा:
“यह विधेयक सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज़ नहीं था, बल्कि महिलाओं को अधिकार और सम्मान देने का एक बड़ा अवसर था। लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसके विरोध में वोट करके अपना महिला विरोधी चरित्र सबके सामने रख दिया है।”
2029 के चुनावों में भुगतनी होगी कीमत
पूर्व सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि विपक्ष के इस कृत्य का हिसाब आगामी चुनावों में होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार महिला सशक्तिकरण की अपनी लड़ाई को जारी रखेगी। सिंह के अनुसार, “विपक्ष को इस शर्मनाक कृत्य की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। साल 2029 के लोकसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि हर स्तर के चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी।”