सिस्टम की ‘खूनी लापरवाही’: निर्माणाधीन पुल के 30 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर वार्ड सदस्य प्रतिनिधि की मौत, दुबई जाने की थी तैयारी, अब पसरा मातम
टंडवा (नवीनगर): विकास जब विनाश का कारण बन जाए, तो मासूम जिंदगियां बलि चढ़ने लगती हैं। नवीनगर के टंडवा थाना क्षेत्र में उत्तर कोयल नहर पर चल रहे निर्माण कार्य ने एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियां लील ली हैं। निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही के कारण 41 वर्षीय रौशन कुमार सिंह की निर्माणाधीन पुल के गहरे गड्ढे में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?
ग्राम कांडी निवासी रौशन कुमार सिंह गुरुवार देर रात अपनी बाइक से पैतृक गांव से नवीनगर स्थित आवास की ओर जा रहे थे। देवी कांडी गांव के समीप उत्तर कोयल नहर पर पुल निर्माण के लिए कंपनी ने करीब 30 फीट गहरा गड्ढा खोद रखा है। रात के अंधेरे में बाइक अनियंत्रित होकर सीधे गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि रौशन सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

लापरवाही का ‘डेथ ट्रैप’: न सुरक्षा घेरा, न कोई बोर्ड
स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा निर्माण एजेंसी ‘त्रिवेणी कंपनी’ पर फूट पड़ा है। लोगों का सीधा आरोप है कि:
- पिछले दो महीनों से 30 फीट गहरा जानलेवा गड्ढा खुला छोड़ा गया है।
- चार मोहानी रास्ता होने के बावजूद यहाँ न तो कोई सुरक्षा घेराबंदी (Barricading) की गई है और न ही रोशनी (Lighting) का कोई प्रबंध है।
- ग्रामीण बताते हैं कि यहाँ पहले भी आधा दर्जन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और कंपनी ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोए रहे।
6 जनवरी को उड़ना था दुबई, नियति ने छीन ली सांसें

मृतक रौशन कुमार सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि क्षेत्र की एक बुलंद आवाज थे। वे नाट्यकला लक्ष्मी पूजा समिति के अध्यक्ष और वार्ड सदस्य प्रतिनिधि के रूप में सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहते थे। परिजनों के मुताबिक, वे आगामी 6 जनवरी को काम के सिलसिले में दुबई जाने वाले थे। घर में विदेश जाने की तैयारी और उत्साह था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक की पत्नी बबीता देवी रामपुर पंचायत (वार्ड 14) की वार्ड सदस्य हैं। रौशन अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्र अभिनव (जो कर्नाटक के सैनिक स्कूल में पढ़ता है) और 10 वर्षीय पुत्री जान्वी को छोड़ गए हैं। दो भाइयों में छोटे रौशन पर ही पूरे परिवार और बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और आक्रोश
सूचना मिलते ही टंडवा थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेजा। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि:
- दोषी निर्माण कंपनी पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
- पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाए।
- निर्माण स्थल पर अविलंब सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाएं।