पुनपुन महोत्सव 2026: ‘राजकीय’ दर्जा, पर बजट ‘अल्प’; सरकारी उपेक्षा के बीच जनसहयोग से महोत्सव बचाने की तैयारी
टंडवा (नवीनगर): टंडवा की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक ‘पुनपुन महोत्सव 2026’ की तारीखों का ऐलान तो हो गया है, लेकिन सरकार द्वारा आवंटित सीमित बजट ने आयोजन समिति के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। महोत्सव को लेकर आयोजित अहम बैठक में यह साफ संदेश दिया गया कि भले ही सरकारी खजाना महोत्सव के लिए छोटा पड़ गया हो, पर जनसहयोग और समिति के हौसले इसे भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
20 और 21 जनवरी को सजेगी सांस्कृतिक महफ़िल
पुनपुन महोत्सव आयोजन समिति के सचिव राजेश कुमार अग्रवाल के आवास पर हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष महोत्सव 20 और 21 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष रामजन्म सिंह ने की।
सरकारी बजट पर ‘घमासान’: उम्मीदें टूटीं, पर हौसला बुलंद
बैठक में सबसे गंभीर मुद्दा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई ‘अल्प राशि’ रही। वक्ताओं ने तीखे लहजे में कहा कि:
- पिछले वर्ष राजकीय दर्जा मिलने के बाद उम्मीद थी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट बढ़ाया जाएगा।
- बजट न बढ़ने से समिति को एक बार फिर जनसहयोग और पदाधिकारियों के व्यक्तिगत आर्थिक योगदान पर निर्भर रहना पड़ेगा।
- राजकीय महोत्सव होने के बावजूद पर्याप्त फंडिंग न मिलना क्षेत्र की सांस्कृतिक उपेक्षा का संकेत है।
संकल्प: संसाधनों की कमी को दूर करेगी ‘एकजुटता’
सचिव राजेश कुमार अग्रवाल ने भावुक अपील करते हुए कहा कि, “संसाधन कम हो सकते हैं, लेकिन हमारी एकजुटता इसे ऐतिहासिक बनाएगी।” अध्यक्ष रामजन्म सिंह ने जोर देकर कहा कि पुनपुन महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि इस माटी की पहचान है, जिसे इसकी गरिमा के अनुरूप ही संपन्न किया जाएगा।
शपथ और शुभकामनाएं
बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों ने संसाधनों की कमी के बावजूद महोत्सव को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने की सामूहिक शपथ ली। साथ ही, आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों को नव वर्ष की मंगल शुभकामनाएं भी दीं।
📍 प्रमुख उपस्थित:
बैठक में गुड्डू सिंह, उपेंद्र कुमार, कुंदन सिंह, ददन सिंह (भाजपा पंचायत अध्यक्ष), आभा देवी उपाध्याय, अश्विनी कुमार सौरभ (पैक्स अध्यक्ष), और राकेश ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
रिपोर्ट: संदीप कुमार, नवीनगर (औरंगाबाद)