औरंगाबाद के विकास को लेकर CM सम्राट चौधरी से मिले पूर्व सांसद सुशील सिंह: NH-139 फोरलेन और बटाने जलाशय योजना पर हुई सार्थक चर्चा
Magadh Express:.औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने मंगलवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘लोक सेवक भवन’ में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से विशेष मुलाकात की। इस दौरान औरंगाबाद जिले और लोकसभा क्षेत्र के विकास के साथ-साथ वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बेहद सार्थक और विस्तृत चर्चा हुई।
इस मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों— NH-139 सड़क को फोरलेन बनाने और बिहार-झारखंड की बहुप्रतीक्षित अंतर्राज्जीय बटाने जलाशय योजना को धरातल पर उतारने को लेकर पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा और त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।
NH-139 फोरलेन के लिए बिहार सरकार भेजेगी विस्तृत रिपोर्ट, CM ने सचिव को दिए निर्देश
पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-139 (NH-139) पटना-अरवल-औरंगाबाद-हरिहरगंज (झारखंड सीमा) होते हुए पलामू के पड़वा मोड़ तक जाती है। यह हाईवे छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को बिहार की राजधानी पटना और उत्तर बिहार के एक बड़े हिस्से से जोड़ने वाला प्रमुख अंतर्राज्जीय मार्ग है।
पूर्व सांसद ने पिछले दिनों दिल्ली में हुई अपनी बैठक का हवाला देते हुए कहा:
“बीते 5 जून को जब मैंने दिल्ली में NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के सचिव से मुलाकात की थी, तो उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने अपनी रिपोर्ट में सिर्फ लागत और दूरी का ब्योरा भेजा है। NHAI ने इसके चौड़ीकरण (फोरलेनिंग) के लिए तकनीकी पहलुओं के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Report) की मांग की है। अतः पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार को आदेश दिया जाए कि वे तय तकनीकी मानकों के साथ विधिवत प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजें।”
इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मौके पर ही अपने सचिव लोकेश कुमार सिंह को आदेश दिया कि वे तत्काल NHAI से संपर्क स्थापित करें और केंद्रीय एजेंसी की मांग के अनुसार पूरी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाकर जल्द से जल्द केंद्र सरकार को भिजवाना सुनिश्चित करें।

बटाने जलाशय योजना का मुद्दा: ‘फाटक वेल्डिंग होने से रुकी है सिंचाई, मुआवजे का पेंच सुलझाएं’
मुलाकात के दौरान पूर्व सांसद ने औरंगाबाद जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली बिहार-झारखंड की अंतर्राज्जीय सिंचाई परियोजना ‘बटाने जलाशय योजना’ की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि यह योजना लगभग 14 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता रखती है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण किसान परेशान हैं।
पूर्व सांसद ने निम्नलिखित तकनीकी दिक्कतों से CM को अवगत कराया:
- नहरों की बदहाली: इस परियोजना की बांई नहर (जो बिहार के हिस्से में है) अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जबकि दांई नहर का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है।
- वेल्डिंग कर दिए गए फाटक: डैम और बराज का निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन डैम के फाटकों को ऊपर उठाकर वेल्डिंग कर दिया गया है। इसके कारण बराज में पानी जमा नहीं हो पाता और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है।
- मुआवजे का अनसुलझा विवाद: डैम के डूब क्षेत्र (सबमर्जेंस एरिया) में आने वाली किसानों की भूमि के मुआवजे का मुद्दा लंबे समय से दोनों राज्यों के बीच अनसुलझा पड़ा है।
सुशील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बिहार और झारखंड दोनों राज्यों के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय (Coordination) स्थापित कर सिंचाई हित में इस परियोजना को अविलंब पूर्ण कराने का आदेश निर्गत किया जाए, ताकि औरंगाबाद के किसानों को इसका पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस जनहित के मुद्दे पर भी सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया।प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह के साथ मुख्य रूप से देव प्रखंड के पूर्व उप प्रमुख मनीष पाठक एवं भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी मितेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
