Home > वायरल खबर > शिवरात्रि स्पेशल , शिवलिंगी के पांच दाने निःसंतान दम्पतियो के लिए है रामबाण

शिवरात्रि स्पेशल , शिवलिंगी के पांच दाने निःसंतान दम्पतियो के लिए है रामबाण

मगध एक्सप्रेस [ 4 मार्च 19 ];-भारत के खेत खलिहानों, आँगन के बाडों आदि में इसे प्रचुरता से उगता हुआ देखा जा सकता है। इसके बीजों को देखने से स्पष्ठरूप से शिवलिंग की रचना दिखाई देती है और इसी वजह से इसे शिवलिंगी कहते हैं। बाजार में अक्सर इसके बीजों को चमत्कारिक गुणों वाला बीज बोलकर बेचा जाता है। वैसे अनेक रोगों के निवारण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली इस बूटी को आदिवासी मुख्यत: संतान प्राप्ति के लिए उपयोग में लाते हैं। शिवलिंगी का वानस्पतिक नाम ब्रयोनोप्सिस लेसिनियोसा होता है।

 

शिवलिंगी बीज एक आयुर्वेदिक औषधि हैं जिसका घटक सिर्फ एक बीज ही हैं और वो हैं ब्रयोनोप्सिस लेसिनियोसा का बीज जिसे समान्यतया शिवलिंगी कहा जाता हैं। शिवलिंगी बीज का प्रयोग पुरे देश में प्रजनन क्षमता बढ़ाने और स्त्रियों के रोग विकारो को दूर करने के लिए किया जाता हैं,इसका प्रयोग स्वस्थ बच्चे के जन्म के लिए भी किया जाता हैं। इसके अलावा  शिवलिंगी बीज लिवर, श्वसन, पाचन तंत्र, गठिया, चयापचय विकारों और संक्रामक रोगों के लिए भी लाभदायक हैं,साथ में इसके सेवन से इम्युनिटी भी बढ़ती हैं।महिलायो में बाँझपन की समस्या मुख्यता हार्मोन्स के असन्तुलन की वजह से होती हैं पर शिवलिंगी बीज हार्मोन्स का संतुलन बनाये रखने में असरदार हैं,जिसकी वजह से महिलायो में बाँझपन की समस्या नही होती।जैसा की पहले भी बताया गया हैं की यह औषधि हार्मोन्स को संतुलित करती हैं,जिसके परिणामस्वरूप महिलायो को सुरक्षित गर्भधारण करने में  शिवलिंगी बीज मदद करती हैं और जो महिलाये बार बार हो रहे गर्भपात की समस्या से जूझ रही हो, उनके लिए भी यह लाभदायक हैं।

इस पौधे की महत्वता यहीं खत्म नही होती बल्कि कुछ समुदाय के लोग तो इसकी पूजा भी करते है और इस हर्बल बूटी को संतान प्राप्ति के लिए ईश्वर का वरदान मानते है.शिवलिंगी को हिंदी में  शिवलिंगी, ईश्वरलिंगी , संस्कृत  में – लिंगिनी, बहुपत्रा, ईश्वरी, ईंग्लिश में  – ब्रयानी (Brayoni) भी कहते है। शिवलिंगी की लताएँ बरसात के दिनों में बहुत पैदा होती है | इसके पत्ते सिल्लीदार होते है | इसके नर फूल गुच्छों में और नारी फूल अलग-अलग लगते है | इसके फल पकने पर लाल रंग के हो जाते है|इनके फलों पर सफ़ेद रंग की धारिया होती है | इसके बीज शिवलिंग के आकार के होते है और यह भारत बर्ष में सभी जगह पैदा होती है |

354 total views, 3 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *