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Exclusive,जागरूकता की कमी-एम्बुलेंस के जमाने मे ट्रैक्टर पर ही हो गयी डिलेवरी

संजीव कुमार-

मगध एक्सप्रेस (22 जनवरी 18):–विकास के इस दौर में दुनिया बहुत आगे पहुंच चुकी है।आज के दौर का प्रारूप टेक्निकल है।लेकिन फिर भी जागरूकता की कमी कहीं न कहीं किसी व्यवस्था की पोल खोल ही देती है।

आज मदनपुर में एक अजीबो गरीब मामला देखने को मिला।एम्बुलेंस के जमाने मे ही ट्रैक्टर पर ही डिलीवरी हो गयी।इसे या तो महज इतेफाक कहा जाए या फिर जागरूकता की कमी।बताते चलें कि,एक ईंट भट्ठा पर काम करने वाले जोगिंदर भुइयाँ की पत्नी गर्भवती थी।वो भी अपने पति के साथ ईंट भट्ठा पर ही रहती थी।जैसे ही हल्का दर्द हुआ उसके परिवार वालों ने एम्बुलेंस बुलाने के बजाय ईंट भट्ठा पर खड़े एक ट्रैक्टर से पीड़िता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर ले जाने लगे।लेकिन ईश्वर की लीला भी निराली है।पीएचसी लाने के दौरान रास्ते मे ही उक्त महिला की डिलीवरी हो गयी।

 

जैसे ही ट्रैक्टर पीएचसी परिसर में दस्तक दी देखने वालों की भीड़ इकट्ठा हो गयी।मौके पर मौजूद डॉक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह ने त्वरित नर्स को बुलाया और उचित देखभाल का आदेश दिया।खुद डॉक्टर ने जच्चा बच्चा को जाकर देखा तो दोनों स्वस्थ थे।सवाल यहां पर यह है कि,आज भी इस दौर में कहीं न कहीं जागरूकता की कमी जरूर है।इसमें कौन दोषी है ये तो कहना मुश्किल नही है लेकिन फिर भी अगर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा घूम घूमकर जागरूकता फैलाई गई होती तो ये नौबत नही आती।अगर ट्रैक्टर से लाने के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी घटना घट जाती तो दोषी किसे माना जाता।यहां पर एक बहुत बड़ा सवाल लोगों के जेहन में खड़ा हो जाता है।

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