औरंगाबाद: घरेलू गैस की कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग पर रोक के सख्त निर्देश, 24 घंटे काम कर रहा है कंट्रोल रूम
Magadh Express:जिले में रसोई गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। मंगलवार, 09 जून 2026 को जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में एलपीजी गैस कंपनियों के सेल्स मैनेजरों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के भीतर गैस की उपलब्धता, बैकलॉग (लंबित बुकिंग) की स्थिति और वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।

घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक का आदेश
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और इसके व्यावसायिक उपयोग (जैसे होटलों, दुकानों और रेस्टोरेंटों में) पर गहरी चिंता व्यक्त की।
- डीएम ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह और दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी श्री अमित राजन को कड़े निर्देश जारी किए।
- उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए न होने दिया जाए। इसके लिए दोनों अनुमंडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जांच और औचक छापेमारी (Surprise Raids) सुनिश्चित करेंगे।
जिले में गैस और पेट्रोल-डीजल की वर्तमान स्थिति
समीक्षा के दौरान औरंगाबाद जिले में गैस और ईंधन आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए गए:
- गैस एजेंसियों की संख्या: जिले में कुल 37 एलपीजी गैस एजेंसियां (IOCL, BPCL और HPCL) सक्रिय रूप से संचालित हैं।
- कनेक्शनों की संख्या: जिले में 4,94,052 घरेलू गैस कनेक्शन और 971 व्यावसायिक (Commercial) गैस कनेक्शन चालू हैं।
- पेट्रोल पंप की स्थिति: औरंगाबाद जिले में कुल 115 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।
दैनिक मांग, आपूर्ति और बैकलॉग की समीक्षा
09 जून 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में आपूर्ति को और बेहतर करने की जरूरत को रेखांकित किया गया:
- मांग और आपूर्ति: जिले में प्रतिदिन औसतन 6,903 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले 6,741 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।
- लंबित बुकिंग: वर्तमान में कुल 22,938 रिफिल बुकिंग पेंडिंग हैं, जिसे पूरा करने की अवधि (बैकलॉग टाइम) 3.4 दिन है।
- वर्तमान स्टॉक: जिले में इस समय 11,709 सिलेंडरों का गैस स्टॉक सुरक्षित उपलब्ध है।
- शिकायत निवारण: गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए जिला स्तर पर 24×7 नियंत्रण कक्ष (Control Room) चालू है। 9 जून को प्राप्त एकमात्र शिकायत का तत्काल समाधान कर दिया गया।

पीएनजी (PNG) कनेक्शनों की प्रगति पर चर्चा
जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (रसोई घर तक पाइप से पहुंचने वाली गैस) की प्रगति की भी समीक्षा की गई:
- चालू कनेक्शन: 08 जून 2026 तक जिले में कुल 1,778 घरेलू पीएनजी कनेक्शन चालू हो चुके हैं। (पिछली समीक्षा दिनांक 18 मार्च 2026 को यह संख्या 1,427 थी, यानी इस अवधि में 351 नए कनेक्शन जुड़े हैं)।
- कुल पंजीकरण: अब तक 4,123 उपभोक्ताओं ने पीएनजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
- लंबित मामलों का विवरण: शेष 2,345 उपभोक्ताओं के कनेक्शन विभिन्न प्रक्रियाओं में अटके हुए हैं, जिनमें:
- 209 घरों में मीटर लग चुके हैं और कनेक्टिविटी का काम जारी है।
- 485 मामलों में मीटर और जीआई पाइपिंग का काम बाकी है।
- 587 आवेदकों ने सुरक्षा जमा राशि (Security Deposit) जमा नहीं की है।
- 127 मामलों के दस्तावेजों में त्रुटि है और 937 मामलों में दस्तावेज सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया चल रही है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जिला प्रशासन की अपील
जिला पदाधिकारी ने पीएनजी के नोडल अधिकारी को लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और लोगों को इसके फायदों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिला प्रशासन ने औरंगाबाद के सभी होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे एलपीजी सिलेंडर पर अपनी निर्भरता कम करें और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन अपनाएं ताकि गैस आपूर्ति व्यवस्था सुचारू और प्रदूषण मुक्त बन सके।इस बैठक में मुख्य रूप से जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री श्वेतांक लाल सहित सभी तेल व गैस कंपनियों के सेल्स मैनेजर और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
