औरंगाबाद: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा, जिला पदाधिकारी ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए दिए कड़े निर्देश
Magadh Express: प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना को धरातल पर उतारने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को हासिल करने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मंगलवार, 09 जून 2026 को जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में योजना के अंतर्गत उपभोक्ता चयन, पोर्टल पर डेटा अपलोडिंग, सर्वेक्षण, सौर संयंत्र स्थापना की भौतिक प्रगति, वेंडर्स/एजेंसियों की तैयारी और जन-जागरूकता अभियानों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया है।

योजना का मुख्य उद्देश्य और वित्तीय सहायता
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा 13 फरवरी 2024 को शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में 1 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर (छत पर सौर ऊर्जा) प्रणाली से जोड़ना है। योजना को पूरा करने की अंतिम अवधि 31 मार्च 2027 निर्धारित की गई है।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से आकर्षक सब्सिडी (केंद्रीय वित्तीय सहायता – CFA) दी जा रही है:
- प्रथम 2 किलोवाट तक: निर्धारित दरों के अनुसार विशेष वित्तीय सहायता।
- तीसरे किलोवाट के लिए: अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
- अधिकतम सब्सिडी: योग्य उपभोक्ताओं को ₹78,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य और जिला स्तर पर प्रगति की स्थिति
समीक्षा के दौरान राज्य स्तरीय आंकड़ों और लक्ष्यों को भी रेखांकित किया गया:
- बिहार का कुल लक्ष्य: वर्ष 2026-27 तक राज्य भर में कुल 4.82 लाख रूफटॉप सोलर स्थापना का लक्ष्य है।
- वर्तमान प्रगति: राज्य में अब तक 76,025 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 20,803 जगहों पर सोलर पैनल लगाने का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है।
- स्थानीय निकायों की भूमिका: शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को प्रति स्थापना प्रोत्साहन राशि देकर स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता और उपभोक्ता संपर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मॉडल सोलर विलेज और यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (ULA) मॉडल
बैठक में योजना के दो महत्वपूर्ण घटकों पर विशेष चर्चा की गई:
- मॉडल सोलर विलेज: प्रत्येक जिले में पात्र गांवों का चयन सामुदायिक भागीदारी के आधार पर किया जा रहा है। जिस गांव में सबसे अधिक सोलर पैनल स्थापित होंगे, उसे सामुदायिक ऊर्जा अवसंरचना (Community Energy Infrastructure) के विकास के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- ULA मॉडल: इस मॉडल के तहत डिस्कॉम (विद्युत वितरण कंपनियां) बड़े पैमाने पर आवासीय उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर स्थापित करेंगी। इसमें चयनित एजेंसियां ही स्थापना और रख-रखाव का जिम्मा संभालेंगी, जिससे उपभोक्ताओं पर शुरुआती आर्थिक और तकनीकी बोझ नहीं पड़ेगा। राज्य स्तर पर 2.50 लाख उपभोक्ताओं को इस मॉडल से जोड़ने का लक्ष्य है।
जीविका दीदियों का सहयोग और प्रशासनिक निर्देश
वर्तमान में औरंगाबाद जिले की विभिन्न पंचायतों में पात्र लाभार्थियों की पहचान, उनसे सहमति पत्र (Consent Form) लेने और उसे आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस कार्य में जीविका दीदियों द्वारा निभाई जा रही सक्रिय भूमिका और जन-जागरूकता प्रयासों की सराहना की गई।
जिला पदाधिकारी का कड़ा रुख:
डीएम श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट किया कि योजना की सफलता समयबद्ध कार्यशैली पर निर्भर है। उन्होंने विद्युत वितरण कंपनियों, जीविका, प्रखंड प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सर्वेक्षण, उपभोक्ता सत्यापन, सामग्री की उपलब्धता, स्थापना, परीक्षण, नेट मीटरिंग और पोर्टल आधारित प्रक्रियाओं को बिना किसी देरी के पूरा करें।

14 जून के ‘आधारशिला’ कार्यक्रम को लेकर तैयारी
आगामी 14 जून 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय ‘आधारशिला’ कार्यक्रम के मद्देनजर, जिला पदाधिकारी ने औरंगाबाद जिले में कम-से-कम एक आदर्श रूफटॉप सोलर स्थापना स्थल (Model Rooftop Solar Site) को पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्यों की प्रगति की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।बैठक के अंत में अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन, प्रखंड स्तर और पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार चलाकर अधिक से अधिक ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करेगा।
