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बिहार मे दहेज कानून बेअसर, पुलिस प्रशासन पर वरिय पदाधिकारियों का दवाब

धिरज गुप्ता

मगध एक्सप्रेस(19 दिसम्बर 18):- कहने को तो सूबे की सरकार दहेजबन्दी अभियान को लेकर खूब अपनी पीठ थपथपा रही है।बिहार में दहेज के लिए बहु को घर से निकाल दिया जा रहा है।मामला गया का है जहाँ महिला ने अपने ससुराल वाले पर तीन करोड़ दहेज मांगने का आरोप लगाया है साथ ही पुलिस पर आरोपियों को बचाने और उनका साथ देने का भी आरोप लगाया है। बताते चलें कि गया मे पटना सिटी स्थित किला रोड के एक समाजिक परिवार की रहने वाली नेहा गुप्ता की शादी वर्ष 2015 में गया के महाबोधि रिसार्ट से बढी धुम -धाम से हुई  थी।नेहा की शादी  बैजू प्रसाद के बेटे गौरव गुप्ता से हुई थी। इस शादी कराने में बैजू प्रसाद के बड़े दमाद मनोज गुप्ता ने मध्यस्ता की थी जो बिहार पुलिस मे निगरानी मे अधीकारी है ।नेहा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा की शादी के दौरान उनके पिता की माली हालत ठीक नही थी तब भी एक करोड़ रुपए दहेज मे दिया,नेहा कुमारी शादी के पहले  जॉब करती थी।

उसने बताया कि शादी के बाद जब घर पर आई तो पता चला की गौरव का संबंध कई लड़कियों से है। जब वह पहली बार गर्भवती हुई तो ससुरवाले ने घोर पाप किया और गर्भपात करा दिया। फिर दुसरी बार उसने बेटी को जन्म दिया तो तुरंत उनके ससुर बैजू प्रसाद ने नेहा गुप्ता को घर से निकाल दिया।फोन से एक साल तक दिलासा देते रहे की बुला लुगा तुम्हें लेकिन फिर ऐसा नहीं हुआ।अधिक दवाब बनाने मे बैजू प्रसाद के बड़े दामाद मनोज कुमार पुलिस अधिकारी का रॉब जमाते  है और कहते है कि जहा जाना जाओ कुछ नहीं बिगाड पायोगे। जब कही से न्याय नही मिला तो 15 दिसंबर को गया के कोतवाली थाना  मे बैजू प्रसाद,गौरव गुप्ता,मनोज गुप्ता समेत पाँच पर केस दर्ज करायी ।नेहा गुप्ता ने कहा कि उसके बाद भी पुलिस दवाब के कारण कोई करवाई नहीं की। जिसके बाद नेहा गुप्ता  बैजू प्रसाद के घर के आगे मर जाएंगे लेकिन लौट कर मायके नही जाएंगे, प्रशासन उसे घर के अंदर जाने मे मदद करे के जिद के साथ बैठ गई।

 

शाम तक पुलिस प्रशासन नेहा गुप्ता और उनके माँ,पापा को समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन नेहा गुप्ता धरने पर बैठी रही और कहा  की किसी घर की बहू कोर्ट से नही आती है। पुलिस वाले मुझे घर में जाने के मददगार न होकर मुझे कोर्ट का सहारा लेने को क्यो कह रही है। कोर्ट मे मामला जिवन भर चलेगा तब तक उसकी बेटी बड़ी हो जाएगी।बेटी का लालन-पालन कैसे होगा?अगर ससुराल मे जाने नही दिया गया तो जिंदगी भर घर के आगे अपना जीवन गुजार देगी।इस दौरान गया सिटी डीएसपी राजकुमार साह ,कोतवाली थाना अध्यक्ष अजय कुमार ने नेह गुप्ता के परिजन को समझाने का प्रयास किया।नेहा गुप्ता का आरोप है कि बैजू प्रसाद घर में रखने के लिए तिन करोड रूपए माँग रहे हैं ।अब उनका परिवार यह रकम देने में सक्षम नही है और *बिहार में दहेज विरोधी कानून की धज्जियां उड रही है। पुलिस महकमा देर रात 10 बजे मजिस्ट्रेट सह कार्यपालक अधिकारी अंजना रानी व कोतवाली थाना अध्यक्ष अजय कुमार की मौजूदगी में बैजू प्रसाद के घर का ताला तोड कर उनकी बहू नेहा को घर के अंदर भेजा गया है ।अभी तक किसी की गिरफ्तारी करने मे  पुलिस महकमा सक्षम नाही हो पाई है।नेहा के साथ सूबे की सरकार कितना न्याय करती है ये देखने वाली बात होगी।देखना ये होगा कि दहेज विरोधी को न्याय मिलेगा या दहेजलोभियों को संरक्षण।

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